गुजरात के अहमदाबाद से सनसनीखेज मामला सामने आया है। दीन का पक्का भाईजान किसी भी पद पर पहुँच जाए या किसी नामी यूनिवर्सिटी से डिग्री ले आए, लेकिन वो अपने ‘मकसद’ से पीछे नहीं हटता। चाहे वो लाल किले के बाहर फटने वाला कोई “Doctor” हो, मुंबई में सीरियल ब्लास्ट करने वाला कोई CA हो या संसद को दहलाने वाला कोई Mechanical Engineer। इन्हें फटना मंजूर है, लेकिन मकसद से पीछे हटना नहीं।दरअसल, गुजरात के अहमदाबाद से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने कानून के रखवालों की नींद उड़ा दी है।
काला कोट पहने एक मुस्लिम Marriage Registrar एम.एम. सैयद (MM Syed), जिसका काम शादियाँ करवाना और कानून के दायरे में रहना था, उसने अपनी सरकारी कुर्सी को ही ‘मज़हब का अड्डा’ बना दिया।यह सैयद असल में कोई अधिकारी नहीं, बल्कि उसी ‘छांगुर बाबा’ का दूसरा चेहरा है, वही छांगुर बाबा जो अंगूठी बाँटने के बहाने Conversion Racket चलाता था। छांगुर बाबा मौलाना अंगूठी देता था, और ये सैयद ‘Green Corridor’ देता है।
4-5 मार्च को खबर फैली कि रजिस्ट्रार एम.एम. सैयद अपने ऑफिस में बैठकर Love Jihad का खेल खेल रहा है। हिंदू लड़कियों की शादी मुस्लिम लड़कों से करवाता है और उन जिहादियों को कानूनी दांव-पेच सिखाकर ‘Defend’ करने का तावीज़ भी देता है। जब ऑपइंडिया के पत्रकार लिंकन सुखड़िया Ground Zero पर पहुँचे, तो जो खुलासे हुए वो आपके होश उड़ा देंगे।
शुरुआती दस्तावेजों से पता चला कि यह रजिस्ट्रार एक Organised Racket चला रहा था। जिस हिंदू लड़की का जबरन निकाह करवाया जा रहा था, उसे और ‘सलमान’ नाम के जिहादी को वकील वाला काला कोट पहनाकर कोर्ट के अंदर लाया गया।यह साजिश इसलिए रची गई ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। वकालत के पेशे का इससे बड़ा अपमान और क्या होगा? दोनों को वकील के कपड़े पहनाकर लाने की योजना इसलिए बनाई गई, ताकि कोई उन पर सवाल न उठाए और निकाह आराम से हो जाए। लेकिन ये भी धोखाधड़ी का मामला है, क्योंकि कोर्ट परिसर में केवल लाइसेंस प्राप्त वकीलों को ही वकील का कोट पहनने की अनुमति होती है।
अब ये केवल निकाह का मामला नहीं है, बल्कि वकीलों का हुलिया बनाकर किए गए एक “Fraud” का मामला भी है। उस दिन करंज पुलिस, मधुपुरा पुलिस और शाहपुर पुलिस भी मौके पर मौजूद थीं। बड़ी संख्या में वकीलों ने इस घटना का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन तीनों थानों के मुख्य जाँच अधिकारी और उप-मुख्य जाँच अधिकारी भी वहाँ मौजूद थे, जिनके सामने आरोपित के खिलाफ action की माँग रखी गई थी।
सैयद की ‘Special Service’
सरकारी ऑफिस सुबह 11 बजे खुलता है, लेकिन इस ‘खास’ जोड़े के लिए सैयद ने सुबह 8:30 बजे ही दफ्तर के ताले खुलवा दिए। जहाँ आम जनता खिड़की वाले काउंटर पर धक्के खाती है, वहीं इस जोड़े को सैयद ने अपने केबिन के पीछे बैठाकर शाही ट्रीटमेंट दिया। लोकल वकीलों का आरोप है कि रजिस्ट्रार सैयद और एक दूसरा वकील मित्तल जाड़ेजा ने मिलकर ये पूरी साजिश रची थी।
झूठ और फर्जीवाड़ा
हद तो तब हो गई जब लड़की के बेबस माँ-बाप अपनी बेटी से मिलने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया गया। उनसे सफेद झूठ बोला गया कि लड़की यहाँ नहीं है। लड़की की माँ का कलेजा फट रहा था, उनका दावा है कि सलमान ने उनकी बेटी को अगवा किया और जब वो Pregnant हो गई, तब जबरन उसका Love Jihad करवाया जा रहा है। लड़की के माता-पिता करीब एक महीने से लगातार कोर्ट आकर रजिस्ट्रार से यह कहते रहे कि अगर उनकी बेटी वहाँ आए तो उन्हें तुरंत Inform कर दें। उस समय सैयद ने उन्हें भरोसा भी दिलाया था कि वह ऐसा करेगा। लेकिन जब लड़की कोर्ट में निकाह के लिए आई, तो उसे सैयद के हरे गलियारे में रोक दिया गया और उसे अपने माता-पिता से मिलने तक की इजाजत नहीं दी गई।
11 संदिग्ध केस का डेटा
जब ऑपइंडिया ने गहराई से छानबीन की, तो सैयद की Case Study बाहर आई। दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच, सिर्फ दो महीने में 11 संदिग्ध केस सामने आए, जहाँ लड़का मुस्लिम और लड़की हिंदू थी। हैरानी की बात देखिए, ये मामले सिर्फ अहमदाबाद के नहीं थे। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से लेकर मुंबई, महाराष्ट्र और गोधरा तक के जोड़े इसी सैयद के पास खिंचे चले आते हैं। आखिर क्यों?
क्या देशभर के जिहादियों को पता है कि अहमदाबाद में उनका ‘मज़हबी भाईजान’ बैठा है जो कानून की धज्जियाँ उड़ाकर रास्ता साफ करेगा? यानी मुस्लिम युवक और हिंदू युवती वाले ये जोड़े देश में कहीं भी हो, अगर उन्हें निकाह करने में दिक्कत होती थी तो वो अहमदाबाद में आकर शादी करते थे।सैयद का दोहरा चेहरा और भी खतरनाक है। घी-काँटा कोर्ट के वकील अभी राजपूत बताते हैं कि जब कोई ‘हिंदू लड़का और मुस्लिम लड़की’ शादी करने आते हैं, तो यही सैयद अचानक ‘कानून का रक्षक’ बन जाता है। तब ये मामले को लटकाता है, कागजों में कमियाँ निकालता है और चुपके से मुस्लिम लड़की के घरवालों को सूचना लीक कर देता है। लेकिन जब मामला हिंदू लड़की का हो, तो सैयद रातों-रात ‘Green Corridor’ बिछा देता है।
इतनी बातों को सुनकर आप समझ गए होंगे कि काला कोट पहना यह सैयद असल में कोई Registrar नहीं, बल्कि मज़हब का वो कट्टरपंथी ठेकेदार है जिसने अपने ज़हर के लिए संविधान को ताक पर रख दिया। इसीलिए, सरकार द्वारा प्रस्तावित नए Marriage Registration Rules (30 दिन का Notice Period) इन जैसे सैयदों और जिहादियों की कमर तोड़ने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
अब अगर इस सैयद के लिए रवीश, अरफ़ा या राणा अय्यूब टीवी पर छाती पीटते दिख जाएं, तो ताज्जुब मत करना। क्योंकि इनकी आँखों पर मज़हबी पट्टी है। इनके लिए Love Jihad एक ‘किताब’ है और सैयद जैसा मुजरिम एक ‘Victim’। लेकिन ऑपइंडिया की Ground Report ने इस ‘छँगूर बाबा’ के चेहरे से नकाब उतार दिया है। वकीलों ने अब FIR और सैयद की बर्खास्तगी की माँग तेज कर दी है।
ये पूरा मामला चीख-चीख कर गवाही दे रहा है कि व्यवस्था की जड़ों में सैयद जैसे दीमक लग चुके हैं। जब सरकारी कुर्सी पर बैठा शख्स संविधान की शपथ भूलकर मज़हबी एजेंडे पर उतर आए, तो समझ लीजिए कि खतरा आपके घर की दहलीज तक पहुँच चुका है। ये ‘सैयद’ जैसे अधिकारी और इनके पाले हुए बिचौलिए कानून की खामियों को हथियार बनाकर Love Jihad के कारखाने चला रहे हैं।





