जहाँ एक तरफ़ पूरी दुनिया नए साल 2026 के स्वागत में है तो वहीं एलन मस्क का एक्स वाला AI यानी GROK अश्लीलता का हब बन चुका है। लोग यहाँ अश्लील फोटो जेनेरेट कर रहे हैं। और अब बात फिर सिर्फ अश्लीलता पर ही नहीं रुकी। लोगों ने धर्म को भी टारगेट करना शुरू किया। और आप जानते ही हैं कि सोशल मीडिया पर आप सर तन से जुदा की फ़िक्र किये बिना सबसे अधिक घृणा किस धर्म के खिलाफ फैला सकते हैं… हिन्दू धर्म के देवी देवता अब लोगों की AI प्रांप्ट के शिकार हैं। इन लोगों को सर तन से जुदा का ख़ौफ़ लेकिन इनको हिंदू देवी देवताओं का मजाक बनाना है।
उदाहरण के लिए स्क्रीन पर आपको एक तस्वीर दिख रही होगी । इन्होंने माँ भगवती की तस्वीर जिसे ग्रॉक से अश्लील बनाया गया।
आज सोशल मीडिया पर हर एक डिबेट आख़िर में हिंदू अपमान पर आकर ही ख़त्म हो रहा है। आख़िर ऐसा क्यों हो रहा है? इसलिए जब ग्रॉक लॉन्च हुआ था, तो उस वक्त उसके उपयोग करने के नियमों में ढिलाई की गई। जिस AI का इस्तेमाल आपका काम आसान करना बताया जा रहा था, उसी का दुरुपयोग अब महिलाओं के खिलाफ और धर्म पर हमला कर किया जा रहा है। बड़े स्तर पर महिलाओं को टारगेट बनाया जा रहा है। आप अपनी स्क्रीन पर वो सारी तस्वीर देख सकते हैं।
इस पूरे ट्रेंड को लेकर जब OpIndia ने खुद Grok से पूछा कि यह सब क्यों हो रहा है, तो Grok ने जवाब दिया कि एलन मस्क ने उसे जानबूझकर ‘स्पाइसी’ AI के रूप में पेश किया है, जिसमें बाकी AI की तुलना में कम पाबंदियाँ हैं।
अब इस फोटो के दुरुपयोग को लेकर भारत में कानूनी क्या प्रावधान हैं?
IT एक्ट की धारा 66E निजता के उल्लंघन को दंडित करती है। BNS, 2023 की धारा 78 साइबर स्टॉकिंग से जुड़ी है। अगर किसी महिला को बार-बार इस तरह टारगेट किया जाए या उसकी बदली हुई तस्वीरें फैलायी जाएँ, तो यह ऑनलाइन उत्पीड़न माना जा सकता है।
IT एक्ट की धारा 67 और 67A अश्लील कंटेंट फैलाने पर रोक लगाती हैं।
इसके बाद जिन महिलाओं की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ किया गया है वो अपनी शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल और राष्ट्रीय महिला आयोग से संपर्क करके दर्ज करवा सकती है। फिलहाल लोग एलोन मस्क से ही ग्रोक द्वारा फैलाए गए इस रायते को समटने की अपील कर रहे हैं। तो ये आने वाला समय ही बताएगा कि वो grok की शक्तियों के इस गलत इस्तेमाल को कैसे कण्ट्रोल करते हैं।





