यूजीसी और मोदी सरकार विरोधी के नारे एक बार फिर 29 जनवरी की शाम जेएनयू कैंपस में लगाए गए। लेकिन इन नारों के बीच पीएम मोदी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए अपशब्द और ब्राह्मणवाद के नारे लगे। जेएनयू छात्र संघ चुनाव के वक्त भी वामपंथी छात्र संघ ने ब्राह्मणवाद का ही नारा पूरे चुनाव के दौरान लगाया।
जब ऑपइंडिया की टीम, इस पूरे मामले की लेकर छानबीन शुरू की तो हमने एक वीडियो दिखा। वीडियो में दिख रहा शख्स जेएनयू छात्र संघ का जनरल सेक्रेटरी सुनील यादव का था। जो अपने वीडियो में ब्राह्मणवाद, आरएसएस, और मनुवाद के छातियों पर बिरसा,फुले और अंबेडकर को बैठा रहे थे।
साथ ही साथ यूजीसी की आड़ में शुरू किया गया यह हंगामा जेएनयू में शरजील इमाम और उमर ख़ालिद के इर्द-गिर्द घुमने लगा। उमर ख़ालिद के पोलिटिकल टॉक वामी-इस्लामी गंगे ने शुरू किया।
इन तमाम मु”द्दों को लेकर ऑपइंडिया ने सुनील यादव ने जब पूछा गया कि “क्या उमर ख़ालिद और शरजील इमाम आतंकी है?” तो उन्होंने हमें ही कहा कि ” आप लेबलिंग कर रहे हैं, मैं इन बातों में नहीं मानता। मीडिया का यह नैरेटिव हैं।
आपने हमारे जेएनयू डाक्यूमेंट्री में भी देखा था कि कैसे जेएनयू अब फिर से प्रोटेस्ट के हब में बदल रहा है। उमर ख़ालिद और शरजील इमाम के नारे बुलंदी के साथ लगाए जा रहे हैं। पढ़ाई के अलावा वहाँ प्रोटेस्ट की पढ़ाई करवाई जा रही है।





