आपने विक्रम टेम्पो देखें हैं कभी, हरे रंग के और शहर में सवारियाँ ढोने वाले या फिर स्कूटर्स। जिन्हें लैंब्रेटा कहते थे। कभी इनका सड़कों पर राज हुआ करता था और ये बनते थे यूपी के लखनऊ में। स्कूटर्स इंडिया लिमिटेड की फैक्ट्री हजारों की तादाद में इनका प्रोडक्शन करती थी। लेकिन समय की मार के साथ ये फैक्ट्री बंद हो गई और इसकी सैकड़ों एकड़ ज़मीन लखनऊ में खाली हो गई।
लेकिन जहाँ से ये टेम्पो और स्कूटर निकलते थे, अब उसी जगह से स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसें बनकर निकलेंगी, कुछ ऐसी दिखने वाली। जी, आप सही सुन रहे हैं। लखनऊ में जल्द ही अशोक लीलैंड अपने नए प्लांट का उद्घाटन करने जा रही है। ये प्लांट रिकॉर्ड टाइम में बन कर तैयार हुआ है और इसकी कहानी भी बेहद इंट्रेस्टिंग है।
दरअसल योगी सरकार की इंडस्ट्रियल पॉलिसी के चलते अशोक लीलैंड ने 2023 में यूपी में निवेश का फैसला किया था। अशोक लीलैंड को योगी सरकार ने 2023 में लखनऊ के सरोजिनी नगर में 70 एकड़ ज़मीन अलॉट की थी, ये ज़मीन कभी स्कूटर इंडिया लिमिटेड की हुआ करती थी लेकिन फैक्ट्री बंद होने के बाद ये ज़मीन खाली पड़ी थी।
योगी सरकार ने यूपी में फैक्ट्री लगे इसके लिए अशोक लीलैंड को ज़मीन ख़रीदने पर 75% की सब्सिडी दी। और इसके बाद यहाँ फैक्ट्री लगना चालू हुई। अशोक लीलैंड ने यहाँ फ़रवरी 2024 में प्लांट लगाना चालू किया और अब ये प्लांट बन गया है यानी 2 वर्षों के भीतर योगी सरकार ने एक प्रोजेक्ट को फ़ाइलों में से ज़मीन पर उतार दिया।
इस प्लांट के लिए अशोक लीलैंड ने लगभग 1000 करोड़ रुपए का निवेश किया है, यहाँ हर साल लगभग 2500 इलेक्ट्रिक बसें बनेंगी। ये बसें लीलैंड की इलेक्ट्रिक आर्म स्विच मोबिलिटी के लिए बनेंगी। आगे इस प्लांट का एक्सपेंशन भी होगा। इससे लगभग 10 हज़ार लोगों को डायरेक्ट्ली और इनडायरेक्टली रोजगार मिलने वाला है।
यानी एक बंद पड़ी फैक्ट्री की ज़मीन पर वापस से मशीनें गरजेंगी और जहाँ टेम्पो बना करते थे अब वहाँ पर न्यू एज इलेक्ट्रिक बसें बनेंगी। एक बात और, इस प्लांट के साथ ही लखनऊ एक और रिकॉर्ड अपने नाम करेगा। अब लखनऊ ऐसा शहर होगा जहाँ देश के दो बड़े ऑटोमोबाइल जियांट साथ में ईवी प्रोडक्शन कर रहे होंगे।
दरअसल टाटा मोटर्स लखनऊ में 2019 से ही इलेक्ट्रिक विह्कल बनाता है, और अब अशोक लीलैंड भी इसे जॉइन करेगा। इसका सीधा अर्थ ये है कि अब उत्तर प्रदेश इस देश में ईवी ट्रांसफॉर्मेशन का हब बनेगा।



