इस्लामी कट्टरपंथी कहीं चले जाएँ, उनका मिशन नहीं बदलता। अब एक ऐसा वीडियो मुसलमान इंफ्लुएंसर का वायरल हो रहा है। जिसमें वो अमृतसर स्वर्ण मंदिर के पवित्र सरोवर में वजू कर रहा है।
A video of a Muslim man wearing a cap (Taqiyah) rinsing his mouth with Sarovar water at the Sri Darbar Sahib Golden Temple Amritsar and making a reel has gone viral. Many people have objected to his actions. pic.twitter.com/hwkbSTzKhN
— Gagandeep Singh (@Gagan4344) January 16, 2026
और सिर्फ़ इतना ही वायरल वीडियो में ये इंफ्लुएंसर एक उँगली दिखा कर इशारा भी करता है, लोगों ने कहा है कि ये तौहीद का इशारा है। तौहीद का मतलब है कि दुनिया में सिर्फ़ अल्लाह ही है और उसके अलावा कोई ईश्वर नहीं है। बेसिकली स्वर्ण मंदिर में खड़े होकर अपने मजहब को सबसे सुप्रीम बताना।
Recently, a Muslim entered the Golden Temple premises wearing a skull cap, rinsed his mouth with Sarovar water, washed his hands and feet in it, and made the “Tawhid sign,” and posted the video on insta with an Islamic victory song.
— THE SKIN DOCTOR (@theskindoctor13) January 17, 2026
Grave provocation by any standards, but… pic.twitter.com/88715sdgbT
वीडियो वायरल होने के बाद उस मुस्लिम लड़के ने अब माफ़ी माँग ली है। वीडियो को संज्ञान में लेते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने यह कहा कि वीडियो में दिख रहे शख्स को यहाँ के संस्कार और नियम के बारे में मालूम नहीं था। लेकिन इस वीडियो, माफ़ी और SGPC के इस बयान के बीच सवाल भी उठने लगे हैं।
Subhan Rangreez, whose video went viral on social media, apologized for rinsing in the Sarovar at Darbar Sahib. He said he was not aware of the maryada and added that he will also visit Darbar Sahib to seek an apology. pic.twitter.com/Z0PtiSYL9J
— Gagandeep Singh (@Gagan4344) January 16, 2026
अब आप कहिएगा कि आख़िर विवाद क्या है? विवाद यह है कि जब एक मुस्लिम उसी स्वर्ण मंदिर में वहाँ के नियम तोड़ रहा है तो कोई FIR नहीं। लेकिन ठीक एक साल पहले उसी स्वर्ण मंदिर के सरोवर के पास जब एक हिंदू योग टीचर ने योगाशन किया था तो उसके ख़िलाफ़ SGPC ने FIR करवा दिया था। उसको जान से मारने की धमकी दी जा रही थी।
A woman named Archana Makwana apologized for performing yoga inside the premises of Golden Temple in Amritsar, Punjab, after SGPC filed a police complaint against her.
— Anshul Saxena (@AskAnshul) June 22, 2024
She's now receiving death threats.
(Note: Video of threatening audio on WhatsApp is from her Instagram story). pic.twitter.com/gsenL4VuT9
सिर्फ़ यही नहीं, साल 2021 में कपूरथला में एक युवक की हत्या कर दी गई क्योंकि सेवादार ने उसको गुरुद्वारा के ग्राउंड फ्लोर पर रोटी खाते देख लिया जो बेअदबी है। जिसके भीड़ ने उसे माए दिया। भूख लगी, वो रोटी खाना चाहा लेकिन भीड़ ने उसे मार दिया।
एक और वीडियो वायरल हुआ था जिसमें गोल्डन टेम्पल में एक व्यक्ति को मारा जा रहा है क्योंकि उसके पॉकेट से एक तंबाकू का पैकेट निकलता है।
Another dark-skinned person, probably from UP/Bihar, is slapped and humiliated in SGPC-controlled Golden Temple for carrying gutka on his person.
— HinduPost (@hindupost) May 21, 2023
You can fine a person, escort him/her out of the gurdwara complex, ask them to do community service (sewa) in spirit of reform, ban… pic.twitter.com/JNBV73ItV4
बिहार से आने वाली एक वृद्ध महिला को बुरी तरफ़ से स्वर्ण मंदिर में मारा गया क्योंकि उसके ऊपर आरोप लगाया गया कि वो बीड़ी पी रही थी। लेकिन जब पुलिस जांच हुई तो कहीं भी बीड़ी पीने का सबूत नहीं मिला।
ऐसे में सवाल उठता है कि हिंदुओं के छोटे छोटे और अनजाने में किए गए अपराधों और कभी कभार तो बिना अपराध किए भी जो लोग मारने पीटने तक उतारू हो जाते हैं, योगा पर FIR करवाते हैं… आख़िर इस मामले में इतनी सॉफ्ट एप्रोच क्यों रख रहे हैं?
आख़िर इस्लामी कट्टरपंथी का वजू करना क्या बीड़ी पीने से छोटा अपराध है? क्या तौहीद का निशान दिखाना मर्यादा के ख़िलाफ़ नहीं है? आख़िर ऐसा क्या है जो अब प्रेम से बात हो रही है लेकिन हिंदू दिखते ही तलवारें म्यान से निकल आती थीं।
किच्छा टोल प्लाजा पर कुछ निहाँगौ ने टोलकार्मियो पर तलवारों के साथ हमला कर दिया।#Uttarakhand pic.twitter.com/pBS6bNsguj
— Ajay Sehrawat (@IamAjaySehrawat) February 7, 2022
सिर्फ़ यही बल्कि यही लोग देश के टोल-प्लाजा पर, उत्तराखंड में होटल मालिकों के साथ मार पीट करते हैं। तलवार का डर दिखाते हैं। लेकिन यह तलवार सिर्फ़ हिंदुओं के ख़िलाफ़ ही क्यों उठ रहे हैं? क्यों इनकी ज़ुबान अब एक मुसलमान को लेकर नहीं खुल रही है? नॉन-सिख कहकर यह सीधे तौर पर हिंदुओं को टारगेट बना रहे हैं और मुसलमान, कट्टरपंथियों को सर पर चढ़ा रहे हैं।





