नेटफ़्लिक्स की ‘घूसखोर पंडत’ पर बवाल

Summary
Netflix की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल। ब्राह्मण विरोधी प्रोपेगेंडा और सनातन विरोध के आरोप।

पिछले 24 घंटे में सोशल मीडिया पर एक Hashtag खूब वायरल हो रह है – #ghooskhorpandat। असल में नेटफ़्लिक्स पर घूसखोर पंडित नाम से एक फ़िल्म रिलीज़ होने वाली है जिसे नीरज पांडे ने बनाया है और इसमें मुख्य किरदार हैं मनोज वाजपेयी। इस फ़िल्म के नाम से ही आप समझ सकते हैं कि नेटफ़्लिक्स इंडिया ने बड़े चालकी से ब्राह्मणों के ख़िलाफ़ प्रोपेगेंडा करने का प्रयास किया है।

पिछले कई हफ्तों से देश में UGC की नई गाइडलाइन को लेकर हिंदू समाज का एक बड़ा वर्ग सड़कों  पर उतारा हुआ है। UGC की इन विवादित गाइडलाइंस के बहाने जातिवादी राजनीति के धुरंधर जमकर जातिवाद फ़ैला रहे हैं और ब्राह्मणों के ख़िलाफ़ खूब जहर उगल रहे हैं। इन्हीं विवादों के बीच नेटफ़्लिक्स ने अपने कंटेंट को भुनाने के लिए घूसखोर पंडत नाम की फ़िल्म के टीजर को रिलीज़ कर दिया है।

इस टीजर के रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसका विरोध शुरू हो जाता है। जिसमें इस फ़िल्म की कड़ी आलोचना हो रही है और नेटफ़्लिक्स को ब्राह्मणों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने के लिए कोसा जा रहा है।

लेकिन यह मामला केवल जातिवाद तक सीमित नहीं है। असल में नेटफ़्लिक्स इंडिया का सनातन विरोधी एजेंडा है जो वह बॉलीवुड के साथ मिलकर भारत में चला रहा है। पहले ब्राह्मणों को गरीब दिखाया जाता था, उसके बाद ब्राह्मणों को चोर बताया गया, फिर उसे शोषक, उत्पीड़क दिखाया गया।

यहाँ मैं आपको कुछ फ़िल्मों के नाम बता रहा हूँ जिसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय और बनिया को किसी ना किसी रूप में अपराधी दिखाया गया है। फिर वो चाहे मदर इंडिया का सुखी लाल हो, ओमकारा का लंगड़ा त्यागी, सरफ़रोश का मिर्ची सेठ, दुश्मन का गोकुल पंडित या फिर गैंग्स ऑफ़ वासेपुर का रामाधीर सिंह। इन सब में यही पैटर्न दोहराया गया है और नेटफ्लिक्स भी इसी राह पर आगे बढ़ रहा है।

नेटफ़्लिक्स इंडिया की  डायरेक्टर रुचिका कपूर हिंदू है और उन्होंने शादी की है, एक कश्मीरी मुस्लिम एक्टर shaheer sheikh से। ऐसे में नेटफ़्लिक्स से यह उम्मीद करना व्यर्थ है कि वो सनातन के ख़िलाफ़ कुछ नहीं दिखाएगा।

नेटफ्लिक्स पर 2020 में ‘ए सूटेबल बॉय’ नाम की वेबसीरीज भी आई थी जिसमे हिंदू लड़की का प्रेम प्रसंग एक मुस्लिम लड़के के साथ दिखाया गया था और मंदिर के पास किसिंग सीन दिखाया गया था। इस प्रकार का सनातन विरोधी एजेंडा नेटफ्लिक्स कला के नाम पर लगातार बेचता रहा है। घूसखोर पंडत भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है।
जिन लोगों को कश्मीर फाइल्स, केरल स्टोरी और लिपस्टिक अंडर माय बुर्का और धुरंधर जैसी फ़िल्मों में प्रोपेगेंडा नजर आ रहा था वह आज केवल इसलिए ख़ुश हैं कि नेटफ्लिक्स की यह फ़िल्म ब्राह्मणों को टारगेट कर रही है।  

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