दिल्ली दंगों का ‘मैनेजर’: कैसे मीरान हैदर ने उमर ख़ालिद–ताहिर हुसैन के साथ मिलकर हिंदू-विरोधी हिंसा को अंजाम दिया

Summary
दिल्ली 2020 दंगों में जमानत पर बाहर आया मीरान हैदर कौन है? कैसे उमर ख़ालिद, ताहिर हुसैन और PFI नेटवर्क के साथ मिलकर उसने हिंदू विरोधी हिंसा को मैनेज किया — चार्जशीट और गवाहों के खुलासे।

दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों में जिन पाँच लोगों को जमानत मिल चुकी है, उनके कारनामों को लेकर पहली किस्त में हम आपको दिल्ली की दंगा गर्ल गुलफिशा फ़ातिमा के बारे में बता चुके हैं! अब बारी है दूसरे किरदार की। ऐसा किरदार जिसका नाम रेयर ही सामने आया है, लेकिन उस दंगाई के तार कहाँ तक हैं, ये समझने के लिए सबसे पहले आप ये एक ट्वीट देखिए!

आज का किरदार वही मीरान हैदर जिसे आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा स्टूडेंट बता रहे है… ये मीरान हैदर अब बेल पा चुका है और जनवरी के पहले सप्ताह से ही बाहर है। ये भी ऐसा नाम है, जो शरजील और उमर ख़ालिद की लाइमलाइट के बीच दब जाता है, लेकिन जिहाद के पैरामीटर्स में ये आदमी भी कहीं कम नहीं है।

अब सीधे कहानी को आगे बढ़ते हुए बात करते हैं कि आख़िर ये मीरान हैदर कौन है? और इसका लिंक दिल्ली हिंदू विरोधी दंगे से क्या है और ये आख़िर किस मक़सद से दंगों में शामिल हुआ था।

वैसे, दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों में शामिल लोगों की पहचान की दो स्क्रिप्ट होती हैं, एक जो लेफ्ट मीडिया आपको बताता है और दूसरा जो सच्चाई है। लेफ्ट मीडिया के अनुसार,  अगर मैं कहूँ तो मीरान दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया का स्टूडेंट रहा है, जिसने इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में PHD की। इसके बाद वो आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ गया। उसके लिए पंजाब में जाकर चुनाव प्रचार भी किए। लेकिन जब एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो उसने आरजेडी का हाथ थाम लिया और जिसके बाद उसे यूथ विंग का प्रेसिडेंट बना दिया गया।  लेफ्ट की स्क्रिप्ट यहीं ख़त्म होती है।

अब आते हैं सच्चाई की तरफ़ कि आख़िर ये आदमी कौन है। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट में PHD कर चुका ये आदमी दंगा मैनेजमेंट में भी उतना ही पारंगत है। इसके दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों में रोल के बारे में दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में बताया है। मैं आपको वहीं से कुछ चीजें बता रहा हूँ।

दिल्ली पुलिस ने अपने चार्जशीट में साफ़-साफ़ इस बात का ज़िक्र किया कि मीरान हैदर दिल्ली हिंदू विरोधी दंगे में सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावी रोल निभाया। 15 दिसंबर 2019 को मीरान ने JCC ( Jamia Coordination Committee) नाम का एक ग्रुप बनाया।

दिल्ली पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट में मीरान हैदर को लेकर लिखी गई बात।

और इसी दिन जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के बाहर CAA-NRC विरोधी प्रदर्शन किए गए, इन्होंने हिंसा की, जिसके बाद  दिल्ली पुलिस को जामिया में जाकर एक्शन लेना पड़ा। मीरान हैदर वाली ये हिंसा फ़रवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगे का एक ट्रायल रन था। मीरान हैदर को दिल्ली पुलिस ने 01 अप्रैल 2020 को गिरफ्तार किया था और उसके बारे में प्रोटेकेटेड विटनेस यानी सरकारी गवाह बने लोगों ने कई खुलासे किए।

प्रोटेक्टेड विटनेस हेक्टर ने कहा – “ प्रोटेस्ट में जामिया के स्टूडेंट्स मीरान हैदर, अबू दर्दा और भी लोग आते थे और शरजिल इमाम और राहुल रॉय के कहने पर देश विरोधी भाषण देते थे। ”

दिल्ली पुलिस द्वारा को सरकारी गवाह हेक्टर का दिया हुआ बयान

23 दिसंबर 2019 को मीरान हैदर ने उमर ख़ालिद और ख़ालिद सैफ़ी के साथ शाहीनबाग में मुलाक़ात की थी। इस मीटिंग में खुरेजी में एक और धरनास्थल बनाने को लेकर planning की गई। और आपको पता जब फ़रवरी 2020 में दंगा हुआ तो खुरेजी भी एक हॉटस्पॉट था। ख़ालिद सैफ़ी इन जगहों के प्रशासन की जिम्मेदारी संभाला हुआ था  और मीरान हैदर को इन जगहों पर provocative speech देने की जिम्मेदारी दी गई थी।

यानी उमर ख़ालिद, ताहिर हुसैन और शरजील इमाम  जिस दंगे का प्लानर था, प्रशांत भूषण जैसे लोग जिस दंगे के लिए पटकथा में शामिल थे, मीरान उसी दंगे का फेस था। और इस दंगे का सहभागी था। लेकिन मीरान में कितना ज़हर भरा हुआ था, वो आपको दूसरे प्रोटेकेटेड विटनेस की बात से पता चलेगा।

प्रोटेक्टेड विटनेस  विलियम ने पुलिस को बताया है कि 22 और 23 फ़रवरी 2020 की रात को मीरान हैदर धरने पर आया और स्टेज पर आकर लोगों को CAA/NRC के ख़िलाफ़ भड़काने लगा। और कहने लगा कि हमने इन काफ़िरों को 900 सालों तक ग़ुलाम बना कर रखा था और अब हम इन के ग़ुलाम बन गए हैं। यह सरकार हिंदू प्रेमी है, CAA/NRC लाकर यहाँ के मुसलमानों को देश से भगाना चाहती है और देश को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है।

दिल्ली पुलिस द्वारा को सरकारी गवाह विलियम का दिया हुआ बयान

और मीरान सिर्फ़ बयान देने तक सीमित नहीं था।

इसी प्रोटेक्टेड विटनेस ने बताया है कि मीरान हैदर ने एक मीटिंग अलग से भी की, इसमें  फ़ैज़ान ख़ान, आरिश, ग़ुलाम जिलान्नी, उमर और अन्य सदस्य को कहा कि २३ फ़रवरी के दिन में जगह-जगह चक्का जाम करने का प्लान है और पुलिस और काफिरों पर हमला करना है। मीरान ने इन लोगों से हथियार इकट्ठा करने को भी कहा और ये भी साफ़ तौर बताया कि जब पुलिसवाले रोके तो उनके ऊपर हमला कर देना।

हिंदुओं को ग़ुलाम बनाने की बात करने वाले, उन्हें काफ़िर बताने वाले और यहाँ तक कि उनके ख़िलाफ़ खुले तौर पर हिंसा का ऐलान करने वाले इसी मीरान हैदर को मनोज झा ने स्टूडेंट बताया था। सोचिए, किस कदर की बेशर्मी की जरूरत यह कहने के लिए पड़ती होगी।

और हाँ! गुलफिशा वाले वीडियो में आपको बताया था कि ताहिर हुसैन उमर ख़ालिद के साथ मिलकर PFI के दफ़्तर में बैठ के दिल्ली दंगे की फाइनेंस की प्लानिंग कर रहा था। लेकिन इस काम में मीरान हैदर भी शामिल था। यानी मैनेजमेंट के सभी वर्टिकल्स को उसने दिल्ली के हिंदू  विरोधी दंगों में ही अप्लाई किया हुआ था।

उसके बारे में तो खुले तौर पर मुसलमानों ने गवाही दी है। दिल्ली पुलिस  को शाहजहाँ ख़ातून और इरशाद ने बताया – मीरान हैदर को शाहजहाँ ख़ातून के भाई ने उसके फ्लैट पर लेकर आया। और कहा कि जनवरी और फ़रवरी 2020 में जो मीरान हैदर ने पैसे दिए थे रखने के लिए वो दो। जिसके बाद शाहजहाँ ख़ातून ने उनके सामने 1 लाख 45 हज़ार रुपए रखें और कहा कि यही पैसे मीरान हैदर ने मेरे पास रखने के लिए दिए थे।

दिल्ली पुलिस द्वारा को सरकारी गवाह शाहजहाँ ख़ातून और इरशाद का दिया हुआ बयान

इरशाद ने पुलिस से कहा था – मेरे फ्लैट पर मीरान हैदर ने बाख़ुशी ख़ुद आगे-आगे चलकर, मेरे फ्लैट में बाएँ तरफ़ के कमरे के बाथरूम में लगे washbsein की cavity की तरफ़ इशारा करते हुए बतलाया कि इसी में उसने ₹48 हज़ार छुपाकर रखे है।

अब इन पैसों का कैसे इस्तेमाल किया गया इसके बारे में बताया –  प्रोटेक्टेड विटनेस रॉबर्ट और प्लैटिनम ने । प्लैटिनम ने अपने स्टेटमेंट में कहा कि उसने जब मीरान को पैसा दिया तो मीरान ने उससे कहा कि “तुम्हें नहीं मालूम की, इन पैसों से मुस्लिम विरोधी भारत सरकार से CAA को लेकर जो जंग होगी उसमें मुझे कितनी मदद मिलेगी।”

रॉबर्ट ने बताया कि AAJMI के जनरल सेक्रेटरी अरीब से मिलने मीरान हैदर आया करता था। जनवरी के आख़िरी हफ़्ते में मीरान ने अरीब को कुछ पैसे दिए और कहा कि “ये मेरे तरफ़ से दंगों का कंट्रीब्यूशन है।”

दिल्ली पुलिस द्वारा को सरकारी गवाह प्लैटिनम और रॉबर्ट का दिया हुआ बयान

सोचिए, मेरे और आपके अगल बगल कितने मीरान हैदर घूमते होंगे। मैनेजमेंट करते करते काफ़िरों का सफ़ाया प्लान करने लगते होंगे। हमें ग़ुलाम बनाने की जुगत भिड़ाते होंगे। लेकिन इस देश के सेक्युलर वादी इतने अंधे हैं… कि उन्हें ये आदमी स्टूडेंट दिखाई पड़ता है, उसके लिए 2020 में ट्विटर कैंपमेन चलता है, उसके लिए राज्यसभा का सांसद खड़े हो के रिहाई माँगता है।

याद रखिएगा ये कोई तेरहवीं शताब्दी नहीं है जब आप को ग़ुलाम बनाने के लिए तुर्क फ़ौजें आएँगी। आपके ही आसपास रहने वाले मैनेजमेंट जिहादी और दिल्ली की दंगा गर्ल गुलफिशा जैसे लोग इसकी प्लानिंग कर रहे होंगे। और कल जो हाल अंकित शर्मा का था, रतन लाल का था… शायद इस बार मैं और आप उस जगह हों।

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