gaziabad khoda murder

‘तूने कभी बकरा हलाल होते देखा है?’: गाजियाबाद में 17 साल के मासूम हिन्दू की हत्या से पहले आरोपी के खौफनाक बोल, दहला देने वाली ग्राउंड रिपोर्ट

Summary
गाजियाबाद के खोड़ा में 17 वर्षीय सूर्य प्रताप की दोस्ती के बहाने बुलाकर निर्मम हत्या कर दी गई। पीड़ित परिवार की बेबसी और घटना के बाद इलाके में उपजे सामाजिक तनाव पर देखिए यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।

गाजियाबाद के खोड़ा इलाके की एक संकरी गली में 17 वर्षीय सूर्य प्रताप की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुख्य आरोपी असद और उसके साथियों ने सूर्य को दोस्ती के बहाने घर से बुलाया और एक पतली गली में ले गए। बताया जाता है कि वहां सीढ़ियों के पास बैठकर पहले उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाई गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बाद सूर्य से कहा गया, “तूने कभी बकरा हलाल होते हुए देखा है? नहीं देखा तो आज दिखाता हूं।” इसके तुरंत बाद उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हत्या के बाद आरोपी उसके शरीर को बोरे में भरकर कहीं ले जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दिन का समय होने के कारण वे उसे गली के बाहर एक तिराहे पर छोड़कर फरार हो गए।

सूर्य प्रताप के परिवार की स्थिति पहले से ही बेहद कठिन थी। स्थानीय लोगों और मकान मालिक के अनुसार, उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था। घर में उसकी मां और एक बीमार भाई और छोटी बहन है, भाई को दौरे पड़ते हैं और बहन अभी छोटी है। परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य सूर्य ही था।

अपने बेटे की मौत से टूटी मां ने रोते हुए आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की। उनका कहना है कि जिन्होंने उनके बेटे के पेट में छुरा मारा, उन्हें भी वैसी ही सजा मिलनी चाहिए। सूर्य की बहन और आसपास की कई हिंदू महिलाओं ने भी प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, एनकाउंटर और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग की।

इलाके के कई हिंदू निवासियों का कहना है कि इस घटना के बाद उनमें भय और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। उनका कहना है कि जिस लड़के के साथ सूर्य सामान्य रूप से उठता-बैठता था, उसी ने उसके साथ यह घटना कर दी। कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में इलाके की जनसांख्यिकी तेजी से बदली है और इसी कारण सामाजिक तनाव बढ़ा है।

दूसरी ओर, रिपोर्टर ने इलाके के मुस्लिम निवासियों और आरोपी के घर के आसपास रहने वाले लोगों से भी बातचीत की। स्थानीय निवासी साजिद मलिक ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि इस वारदात ने पूरी गली और ईद का त्योहार खराब कर दिया। हालांकि जब सवाल पूछा गया कि ऐसी मानसिकता मुसलमानों ने ही कहाँ से आ रही है तो सवाल का जवाब देने से बचने की कोशिश करने लगा। बातचीत के दौरान मौजूद अन्य हिंदुओं ने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

एक स्थानीय निवासी शाहरुख हुसैन ने कहा कि किसी को बकरा काटना सिखाने के बहाने बुलाना ही पूरी तरह गलत है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे अपराध करने वाले लोग इस्लाम को बदनाम करते हैं। लेकिन जब शाहरुख से पूछा गया कि कैसे पहचाना जाए कि अच्छा मुसलमान कौन और बुरा मुसलमान कौन है तो इस सवाल पर शाहरुख ने मुँह बंद कर लिया।

इस पूरी घटना ने इलाके में भाईचारे, सामाजिक विश्वास और आपसी संबंधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

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