पीएम मोदी ने एक अपील कर दी और लोग डर गए। मर्दाना समाज में तो खुशी की लहर आ गई कि, “अरे वाह, मोदी जी ने बोल दिया तो पत्नी को सोना अब अगले साल गिफ्ट कर देंगे!”
लेकिन यह बात न सज्जनों की है और न ही सजनियों की, बल्कि यह बात है उस लेफ्ट-लिबरल गैंग की जिसका हर बात पर रोना-धोना चालू हो जाता है! तो देखते हैं कि जब इंडिया ने एनर्जी और तेल बचाने की सिर्फ़ अपील की है, तब हमारे पड़ोसी देश क्या कर रहे हैं। सबसे पहले यह खबर देखिए।
पाकिस्तान! जो कल तक Iran और America के बीच ‘Peace Maker’ और मॉडरेटर बनकर घूम रहा था, आज खुद उसके लेने के देने पड़ गए हैं! पाकिस्तान ने तो ईंधन की खपत कम करने के लिए कई तरह की पाबंदियां भी लगाई हैं। Iran War की वजह से LNG सप्लाई ठप है, 7 घंटे तक बिजली कट रही है और पावर क्राइसिस ने पूरे देश को जकड़ लिया है।
और बात सिर्फ पाकिस्तान की नहीं है! बांग्लादेश में दुकानें और शॉपिंग मॉल शाम 6 बजे तक बंद करने का ऑर्डर है, यूनिवर्सिटीज पहले ही ठप कर दी गईं, ऑफिस का टाइम घटाया गया और बिजली बचाने के सख्त मैंडेट निकल चुके हैं! डूबता हुआ बांग्लादेश और ज़्यादा डूब रहा है।
थाईलैंड सरकार ने भी इस क्राइसिस को देखते हुए सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का आदेश दिया है। इसमें विदेश यात्राओं को कैंसिल करना, वर्कप्लेस पर शॉर्ट स्लीव वाली शर्ट पहनना और लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का यूज़ करने जैसी गाइडलाइंस शामिल हैं। बिना टाई की हाफ स्लीव शर्ट पहनने को कहा है, ताकि AC कम चलाना पड़े। सरकारी दफ्तरों में AC का तापमान 26-27°C रखने, लिफ्ट कम इस्तेमाल करने और कारपूलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
Philippines में तो नेशनल एनर्जी इमरजेंसी डिक्लेयर कर दी गई है! गवर्नमेंट ऑफिसेस में फोर-डे वर्क वीक लागू है और नॉन-एसेंशियल ट्रैवल व मीटिंग्स बंद हैं! उनका तेल तो ज्यादातर Middle East से ही आता है।
Myanmar में तेल का भयंकर संकट है, लोग अल्टरनेट डे में गाड़ियाँ निकाल रहे हैं यानी इवन-ऑड रूल! उन्होंने मार्च में ही प्राइवेट व्हीकल्स पर बैन लगा दिया था।
नेपाल में नई सरकार बनी है, लेकिन फ्यूल प्राइसेस बढ़े हैं, LPG महंगी हुई है और रिस्ट्रिक्शंस की तैयारी है। वहाँ भी आराम से कुछ नहीं चल रहा! और इन सबमें सबसे ज़्यादा अफेक्टेड कंट्री?
Vietnam को देखें तो उसके रिजर्व्स सिर्फ 18-20 दिन के बचे हुए हैं, राइस मिल्स बंद पड़ी हैं, फैक्ट्रीज पर भारी असर है और सबसे भारी नुकसान इन्हीं का हुआ है।
लेकिन भारत? भारत का खुद को मैनेज करने का तरीका सबसे हटके है! हमारे पास स्ट्रांग फॉरेक्स रिजर्व्स हैं, स्ट्रैटेजिक पेट्रो रिजर्व्स हैं और Russia-Ukraine War के बाद ऑयल इम्पोर्ट्स को डाइवर्सिफाई कर लिया गया है। अब 40 देशों से तेल आ रहा है, वो भी 70% नॉन-हॉर्मुज रूट्स से! डिजिटल वेलफेयर स्कीम्स और सब्सिडी कंट्रोल, ये सब कोई आम बात नहीं है।
इंडिया का नुकसान में जाना बहुत मुश्किल है! पीएम मोदी जी ने खुद एक्सप्लेन किया, “नीड ऑफ द आवर है! वर्क फ्रॉम होम करो, फ्यूल सेव करो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और EV यूज़ करो, नॉन-एसेंशियल गोल्ड परचेजेस एक साल के लिए रोक दो, अननेसेसरी फॉरेन ट्रैवल कम करो और स्वदेशी व मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स को प्रमोट करो!”
यह अपील नेशन फर्स्ट की है! लेफ्ट-लिबरल गैंग रो-रो कर थक जाए, लेकिन हकीकत यही है कि जब दुनिया जल रही है, तब इंडिया मजबूती से खड़ा है, और तैयार है।




