सीएम योगी ने सनातनी बच्ची को दिया पढ़ने-लिखने का आशीर्वाद, कट्टरपंथियों को दिखा ‘रेडिकलाइजेशन’

Summary
सीएम योगी को बुलडोजर गिफ्ट करने वाली एक मासूम बच्ची को आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने 'रेडिकल' काम बताया है, क्या असल कट्टरपंथ वह नहीं है जो मदरसों और मजहबी नारों में दिखता है?

एक पाँच साल की बच्ची ने सीएम योगी आदित्यनाथ को बुलडोजर का एक खिलौना गिफ्ट किया, मुख्यमंत्री ने उसे चॉकलेट दी और बुलडोजर वापस उसके हाथों में देते हुए कहा जाओ अच्छे से पढ़ाई करो और बुलडोजर से खेलो। 

ये एक सामान्य सी घटना होनी चाहिए थी, अधिकतम कुछ लोग उस बच्चे की तारीफ़ कर देते बात यहीं ख़त्म हो जाती लेकिन ये वीडियो देश के लिबरल और मुसलमानों ने देखी। आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने देखी, फिर एक नफ़रत से भरा हुआ ट्वीट आया, उसने कहा कि देखो कैसे इस बच्ची सहित हिंदू बच्चों की पूरी जनरेशन को रेडिकलाइज किया जा रहा है, यह दिल तोड़ने वाला और बेहद खतरनाक है। 

सोचकर देखिए अब इसे पत्रकार किस मुँह से कहा जाए? ये जिहादी से अधिक और कुछ नहीं है, जो अपने जहरीले एजेंडा को चलाए रखने के लिए पाँच साल की बच्ची को नहीं छोड़ रही है। उस इनोसेंट बच्ची को रैडिकल कह रही है।जो बच्ची एक संत को अपना आइडियल मान रही है, उसके डिसिजन मेकिंग को आइड्लाइज कर रही है और CM योगी भी उसे खेलने और पढ़ने के लिए कहा गया उसे आरफ़ा रैडिकलाइज़ेशन कह रही है।

मैं बताता हूँ कि रैडिकल कौन है और रेडिकलाइजेशन क्या होता है?  महात्मा गांधी की प्रतिमा पर चढ़कर जब मुस्लिम बच्चे अश्लील हरकत करते हैं तब वो रैडिकल होते है। जब पब्लिकली मुस्लिम बच्चे इजरायल को तबाह करने और उसके लिए मोदी के मरने की कामना कर रहे थे। जब उनसे भारत माता के बारे में पूछा गया कि क्या तुम ज़िंदाबाद बोलोगे, तो जब वो माना करते हैं, तब ऐसे बच्चे हाइली रेडिकल की कैटेगरी में आते हैं।

जब अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे माफियों को मिट्टी में मिला दिया गया तो इन्हीं बच्चों के द्वारा जब कहा गया कि सबका वक्त आयेगा तब उनका रैडिकल माइंडसेट दिखाई देता है। जब छोटे छोटे बच्चों को सर तन से जुदा के बारे में बताया जा रहा था तब उसे कहा जाता है रेडिकलाइजेशन।

जब मदरसों में जिहाद और एक कम्युनिटी से नफ़रत पढ़ाई जाती है, जब वही बच्चे अपने घर में दिल्ली दंगों, मुजफ्फरनगर दंगों की प्लानिंग देखते हैं तब होता है रेडिकलिएजेशन, जब वो अपने घर में ईरान में मरने वाले किसी मुल्ला के लिए जकात निकलती हुई देखते हैं तब होता है रेडिकलाइजेशन। तब वो समझ पाते हैं कि हमारी असली प्राथमिकता क्या है, हमारा मकसद क्या है? वो ट्रेनिंग जो होती है उसे कहते हैं रेडिकलाइजेशन।

इस छोटी से बच्ची के साथ आरफ़ा ने जो किया ये जिहादियों की मानसिकता में गिरावट का एक और नया पैमाना है। एक छोटी सी बच्ची जो UP की बेहतर हवा में साँस लेने की वजह से खुश थी, आरफ़ा ने अपने एजेंडा के लिए उसका अपमान किया है। और सच ये है कि उसकी अपनी क़ौम की सड़न उससे ख़ुद देखी नहीं जाती और जहाँ फूल खिल रहे हैं और सुगन्धित हैं उनपर भी अपनी नीच दृष्टि डाल रही है। 

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