देश में इस्लामी कट्टरपंथी और वामपंथी हर बार दलितों और मुस्लिमों का नाम एक लाइन में लेते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश की एक घटना ने फिर साबित कर दिया है कि ये अलायंस नहीं हो सकता और इस्लामी कट्टरपंथी के लिए दलित हो या जनजातीय समाज का आदमी, वो सिर्फ़ एक हिंदू है।
18 जून, 2026 को उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में एक दलित हिंदू आनंद की हत्या नासिर ने तलवार से काट के कर दी, और क्यों कर दी क्योंकि आनंद ने अपनी भांजी से छेड़खानी करने से नासिर को रोक दिया था और उसे थप्पड़ लगाया था। नासिर ने इसी का बदला लेने के लिए बीच बाजार में आनंद को तलवार से काट दिया।
यानी अगर हिंदू अपनी बेटियों की रक्षा के लिए इस्लामी कट्टरपंथियों के सामने खड़े होंगे तो वो उन्हें रास्ते से हटाने के लिए मार भी देंगे और सबसे ज्यादा हैरत की बात तो ये है कि जिन लोगों का मैंने ऊपर जिक्र किया उन्होंने इस घटना पर साइलेंस थाम लिया है।
इन फैक्ट जिसने घटना पर बात भी की है, उसकी ये हिम्मत ही नहीं है कि नासिर का नाम तक लिख दे। और ये हाल उन चंद्रशेखर का है जो अपनी पूरी राजनीतिक आइडेंटिटी ही दलित अधिकार की लड़ाई के लिए बताते हैं। उत्तर प्रदेश में PDA यानी पिछड़ा दलित और अल्पसंख्यक को अपनी राजनीतिक लड़ाई का बेस बताने वाले अखिलेश यादव ने घटना पर एक ट्वीट तक नहीं किया है।
और वो करेंगे भी कैसे क्योंकि हाल ही में आई रिपोर्ट ने बताया था कि दलितों का उत्पीड़न करने में वो अखिलेश यादव जिन्हें अपना वोटबैंक बताते हैं वो लोग ही सबसे आगे हैं।





