एक पाँच साल की बच्ची ने सीएम योगी आदित्यनाथ को बुलडोजर का एक खिलौना गिफ्ट किया, मुख्यमंत्री ने उसे चॉकलेट दी और बुलडोजर वापस उसके हाथों में देते हुए कहा जाओ अच्छे से पढ़ाई करो और बुलडोजर से खेलो।
4 साल की प्यारी सी बिटिया ने गोरखनाथ मंदिर में योगी जी से कहा आप आंखें बंद करिए आपको मुझे कुछ गिफ्ट देना है
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) March 27, 2026
बच्ची की बात मानते हुए जब योगी जी ने आंखें बंद की तब उस बच्ची ने योगी जी को एक बुलडोजर गिफ्ट किया
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योगी जी गोरखनाथ मंदिर में दैनिक भ्रमण के कार्यक्रम के दौरान टहल… pic.twitter.com/e16U1W8JXi
ये एक सामान्य सी घटना होनी चाहिए थी, अधिकतम कुछ लोग उस बच्चे की तारीफ़ कर देते बात यहीं ख़त्म हो जाती लेकिन ये वीडियो देश के लिबरल और मुसलमानों ने देखी। आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने देखी, फिर एक नफ़रत से भरा हुआ ट्वीट आया, उसने कहा कि देखो कैसे इस बच्ची सहित हिंदू बच्चों की पूरी जनरेशन को रेडिकलाइज किया जा रहा है, यह दिल तोड़ने वाला और बेहद खतरनाक है।
This is how they are radicalizing a whole generation of Hindu kids. And that too innocent little girls.
— Arfa Khanum Sherwani (@khanumarfa) March 27, 2026
Heartbreaking and extremely dangerous. https://t.co/RUJwtcShLE
सोचकर देखिए अब इसे पत्रकार किस मुँह से कहा जाए? ये जिहादी से अधिक और कुछ नहीं है, जो अपने जहरीले एजेंडा को चलाए रखने के लिए पाँच साल की बच्ची को नहीं छोड़ रही है। उस इनोसेंट बच्ची को रैडिकल कह रही है।जो बच्ची एक संत को अपना आइडियल मान रही है, उसके डिसिजन मेकिंग को आइड्लाइज कर रही है और CM योगी भी उसे खेलने और पढ़ने के लिए कहा गया उसे आरफ़ा रैडिकलाइज़ेशन कह रही है।
मैं बताता हूँ कि रैडिकल कौन है और रेडिकलाइजेशन क्या होता है? महात्मा गांधी की प्रतिमा पर चढ़कर जब मुस्लिम बच्चे अश्लील हरकत करते हैं तब वो रैडिकल होते है। जब पब्लिकली मुस्लिम बच्चे इजरायल को तबाह करने और उसके लिए मोदी के मरने की कामना कर रहे थे। जब उनसे भारत माता के बारे में पूछा गया कि क्या तुम ज़िंदाबाद बोलोगे, तो जब वो माना करते हैं, तब ऐसे बच्चे हाइली रेडिकल की कैटेगरी में आते हैं।
याद है ना ब्रिगेडियर रुद्र प्रताप सिंह ने इन बच्चों के बारे में क्या कहा था ??
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) March 24, 2026
ईद के दिन बरेली के पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ नीचो। ने क्या-क्या हरकत किया आप देखिए pic.twitter.com/7KTqNLoCKI
जब अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे माफियों को मिट्टी में मिला दिया गया तो इन्हीं बच्चों के द्वारा जब कहा गया कि सबका वक्त आयेगा तब उनका रैडिकल माइंडसेट दिखाई देता है। जब छोटे छोटे बच्चों को सर तन से जुदा के बारे में बताया जा रहा था तब उसे कहा जाता है रेडिकलाइजेशन।
जब मदरसों में जिहाद और एक कम्युनिटी से नफ़रत पढ़ाई जाती है, जब वही बच्चे अपने घर में दिल्ली दंगों, मुजफ्फरनगर दंगों की प्लानिंग देखते हैं तब होता है रेडिकलिएजेशन, जब वो अपने घर में ईरान में मरने वाले किसी मुल्ला के लिए जकात निकलती हुई देखते हैं तब होता है रेडिकलाइजेशन। तब वो समझ पाते हैं कि हमारी असली प्राथमिकता क्या है, हमारा मकसद क्या है? वो ट्रेनिंग जो होती है उसे कहते हैं रेडिकलाइजेशन।
इस छोटी से बच्ची के साथ आरफ़ा ने जो किया ये जिहादियों की मानसिकता में गिरावट का एक और नया पैमाना है। एक छोटी सी बच्ची जो UP की बेहतर हवा में साँस लेने की वजह से खुश थी, आरफ़ा ने अपने एजेंडा के लिए उसका अपमान किया है। और सच ये है कि उसकी अपनी क़ौम की सड़न उससे ख़ुद देखी नहीं जाती और जहाँ फूल खिल रहे हैं और सुगन्धित हैं उनपर भी अपनी नीच दृष्टि डाल रही है।





