उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक प्रतिष्ठित दवा कारोबारी के इकलौते बेटे आयुष मलिक के इस्लाम स्वीकार कर ‘रहमान’ बनने का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। आयुष के पिता देवराज मलिक ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को प्रेमजाल में फंसाकर उसका धर्मांतरण कराया गया और इसके पीछे उनकी संपत्ति हड़पने की साजिश रची गई। वहीं पुलिस ने मामले में एसआईटी गठित कर जांच शुरू कर दी है और चांदनी कुरैशी व उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
आयुष के पिता देवराज मलिक ने बताया कि उन्हें बेटे के धर्म परिवर्तन की जानकारी तब मिली जब उन्होंने उसकी शादी की बात शुरू की। उन्होंने कहा, “जब हमने शादी की बात की तो उसने अपनी मां से कहा कि एक लड़की है। पहले उसने साधारण फोटो दिखाई, लेकिन बाद में बुर्के वाली तस्वीर दिखाई। यह देखते ही उसकी मां बेहोशी की हालत में आ गई।”
देवराज मलिक का दावा है कि इसके बाद आयुष ने स्वीकार किया कि वह धर्म परिवर्तन कर चुका है। उन्होंने बताया कि बेटे को कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं हुआ। देवराज मलिक ने आरोप लगाया कि यह केवल प्रेम संबंध का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा षड्यंत्र है।
उन्होंने कहा, “अगर प्रेम सच्चा था तो लड़की हमारे घर आती, शादी की बात होती। लेकिन शर्त रखी गई कि पहले धर्मांतरण करो। मुझे लगता है कि मेरे बेटे की प्रॉपर्टी हड़पने के लिए उसका ब्रेनवॉश किया गया। इसके पीछे कई लोगों का हाथ है।” उन्होंने यह भी कहा कि आयुष “सर्वगुण संपन्न” और आज्ञाकारी पुत्र था, लेकिन अब वह सामान्य स्थिति में नहीं है और पूरी तरह प्रभावित दिखाई देता है।
आयुष के रहमान बनने पर पड़ोसियों ने जताई हैरानी
आयुष के पड़ोसी संजय कुमार त्यागी ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया और वायरल वीडियो के जरिए मिली। उन्होंने कहा, “आयुष बहुत अच्छा, समझदार और संस्कारी लड़का था। हमें विश्वास ही नहीं हुआ कि ऐसा भी हो सकता है। देवराज जी बहुत सज्जन व्यक्ति हैं, उन्होंने कभी ऐसी कोई बात नहीं बताई थी।”
वहीं जूस विक्रेता तेजेंद्र सिंह वर्मा ने कहा, “आयुष रोज मेरी दुकान पर जूस पीने आता था। वह समाजसेवा करता था और जरूरतमंदों की मदद करता था। पता नहीं किस दबाव में आकर उसने यह कदम उठाया।”
चांदनी कुरैशी को लेकर क्या बोले मोहल्ले के लोग?
ऑपइंडिया की टीम चांदनी कुरैशी के मोहल्ले काजीपाड़ा भी पहुंची। वहां कुछ लोगों ने बातचीत से बचने की कोशिश की, जबकि कुछ ने अपनी राय रखी। स्थानीय निवासी रिहान कुरैशी ने कहा, “चांदनी हमारे मोहल्ले की लड़की है और स्वभाव से अच्छी है। लेकिन मेरी नजर में कोई भी अपने धर्म को बदले, यह गलत है। इंसान को अपने धर्म पर कायम रहना चाहिए।” हालांकि, कुछ लोगों ने कहा कि वे मामले की पूरी जानकारी नहीं रखते और जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
दुकान लगाने वाले मोहम्मद निसार ने बताया कि उन्होंने आयुष को कई बार गढ़ी वाली मस्जिद में नमाज पढ़ते देखा था। उन्होंने कहा, “मैं जोहर की नमाज पढ़ने जाता हूं। मैंने उस लड़के को वहां कई बार देखा था, लेकिन तब मुझे नहीं पता था कि वह आयुष मलिक है। बाद में मीडिया रिपोर्टों से जानकारी मिली।”
एसपी बोले, “पाकिस्तानी कनेक्शन सहित हर पहलू की हो रही जांच”
मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि जांच कई पहलुओं से की जा रही है। शामली पुलिस के अनुसार, देवराज मलिक की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में कुछ तथ्य सामने आए हैं, जिसके बाद चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। एसआईटी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। पाकिस्तानी कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।
पिता की भावुक अपील “मेरा बेटा वापस घर लौट आए”
देवराज मलिक ने कहा कि एक पिता होने के नाते वह आखिरी दम तक अपने बेटे की वापसी की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा बहुत भावुक और आज्ञाकारी था। मुझे उम्मीद है कि जब उसका ब्रेनवॉश खत्म होगा तो वह वापस अपने घर लौट आएगा। मैं प्रशासन से सिर्फ इतना चाहता हूं कि मेरा बच्चा मुझे सकुशल वापस मिल जाए।”
बहरहाल, आयुष मलिक उर्फ रहमान का मामला अब केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं रह गया है। प्रेम, धर्मांतरण, संपत्ति और कथित षड्यंत्र के आरोपों के बीच यह मामला पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर एसआईटी जांच पर टिकी है कि आखिर इस पूरे प्रकरण की सच्चाई क्या है।



