मैं पाँच ऐसी सिमिलरिटी आपको बताता हूँ जो प्रूव करते हैं कि कॉकरोच भी बांग्लादेश की तरह भारत में रिजीम चेंज करना चाहते थे।
पहला रीजन है मुद्दा और प्रदर्शन करने वाले लोग। आपको याद है जब बांग्लादेश में शेख हसीना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन शुरू हुए थे तब कहा गया था कि ये स्टूडेंट्स हैं और रिजर्वेशन का विरोध करने सड़कों पर आए हैं।
सिमिलैरिली हमारे यहाँ स्टूडेंट्स को फ्रंट बनाया गया और NEET का मुद्दा बताया गया। लेकिन बांग्लादेश में भी दुनिया भर के मुद्दे आ गए थे और यहाँ भी अब सारे टॉपिक को इसी प्रोटेस्ट में डाल दिया गया।
दूसरा रीजन है न्यूट्रल नॉन पोलिटिकल फेस! बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस को लाया गया जो फाइनेंस वर्ल्ड का बंदा था और उसे भी इंटरनेशनल अवार्ड मिला था।
हमारे यहाँ भी सोनम वांगचुक को आगे किया गया जो कथित साइंटिस्ट है और उसे भी रेमन मैग्सेसे मिला हुआ है।
तीसरा रीजन है वायलेंस! बांग्लादेश में पहले इन दंगाइयों ने वायलेंस किया और जब पुलिस ने उसे रोका तो कहा कि एक्सेसिव फोर्स का यूज हुआ है।
यहाँ भी इन लोगों ने आज पहले पुलिस पर पत्थर बरसाए और जब उसने वापस फोर्स यूज की तो विक्टिम खेलने लगे! इसे फिर ग्लोबल मीडिया ने भी एम्प्लीफ़ाई किया।
चौथा रीजन है फुट सोल्जर्स! बांग्लादेश में रिजीम चेंज के लिए काम करने वालों ने जमात ए इस्लामी को फुट सोल्जर बना के आख़िर में वायलेंस करवाई थी।
हमारे यहाँ आज जब वायलेंस हुआ तो सबसे ज्यादा नीले झंडे दिखे, यानी वहाँ जमात ए इस्लामी वाले फुट सोल्जर बने और यहाँ भीम आर्मी वाले।
और पाँचवा यानी लास्ट रीजन है टाइमिंग! आपको याद है कि जून, जुलाई और अगस्त के महीने को ही बांग्लादेश में भी इस रिजीम चेंज के लिए यूज किया गया था।
हमारे यहाँ भी जून से प्रोटेस्ट शुरू हुआ, अब जुलाई में उसमे वायलेंस हुआ, अगस्त में क्या होगा अब ये आगे देखने वाली बात होगी।





