उत्तर प्रदेश के शामली में चर्चित धर्मांतरण के बाद चर्चा में आए आयुष मलिक की घर वापसी के बाद रविवार को शहर के प्रसिद्ध हनुमान धाम में विशेष पूजा-अर्चना और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। यशवीर महाराज के साथ मंदिर आए पिता देवराज मलिक ने कहा कि उनका बेटा अब सकुशल घर लौट आया है और इसके लिए उन्होंने समाज, मीडिया, विभिन्न संस्थाओं तथा प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
इससे पहले ऑपइंडिया के कैमरे पर करीब 20 दिन पहले यशवीर महाराज ने दावा किया था कि आयुष मलिक ज्यादा दिन तक इस्लाम में नहीं रहेगा और एक दिन अपने मूल धर्म में लौट आएगा। इस पर यशवीर महाराज ने कहा कि यह विश्वास उन्हें दो बातों से था एक अपनी आस्था और दूसरा उस समाज की सामाजिक परंपराओं से, जिससे आयुष मलिक आता है।
इस बीच यशवीर महाराज ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा कि इस पूरे मामले को केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं रखा जो सकता। इस मामले की कड़ियां गाजियाबाद, दिल्ली, मुंबई और पाकिस्तान तक जुड़ी हो सकती हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से पूरे मामले की गहन जांच कराने और शेष आरोपियों को गिरप्तार करने की मांग की।
15 दिन तक मौन व्रत रखेगा आयुष मलिक
धर वापसी के बाद आयुष मलिक के मीडिया के सामने न आने के सवाल पर यशवीर महाराज ने कहा कि घर वापसी के बाद आयुष मलिक प्रायश्चित स्वरूप 15 दिनों तक विशेष साधना करेगा और वह किसी से बात नहीं करेगा। उनके अनुसार इस दौरान वह मौन व्रत रखेगा, किसी से बातचीत नहीं करेगा और केवल भक्ति एवं तपस्या में समय बिताएगा।
वहीं पीड़ित पिता देवराज सिंह ने बेटे की घर वापसी पर कहा कि उनका पुत्र पूरी तरह सुरक्षित है और किसी प्रकार के दबाव में नहीं है। उसने बीती रात्रि अपनी मां और मेरे साथ पूजा पाठ किया है। उन्होंने कहा कि आयुष स्वयं खुशी से लोगों से मिल रहा है, वीडियो बना रहा है और सामान्य व्यवहार कर रहा है। देवराज मलिक ने कहा कि बेटे के वापस आने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है और उन्होंने इसे ईश्वर की कृपा बताया।
योगी सरकार होने से जल्द मिली सफलता
यशवीर महाराज ने बातचीत में कहा कि यदि प्रदेश में वर्तमान सरकार न होती तो संभव है कि इस मामले के समाधान में अधिक समय लगता, लेकिन पुलिस प्रशासन ने तत्परता से कार्य किया और मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सरकार के समय वह इस विषय पर आवाज उठाते।
हालांकि पिता ने योगी सरकार के सवाल पर चुप्पी साधी और सवाल का जवाब दिए बगैर आगे बढ़ गए। आपको बता दें कि शामली के प्रसिद्ध दवा कारोबारी देवराज मलिक के इकलौते बेटे आयुष मलिक को शामली की ही जिम ट्रैनर चांदनी कुरैशी ने अपने प्रेम जाल में फंसाकर दो मौलानाओं की मदद से असका धर्मांतरण करा दिया था।
इसके बाद जून के शुरूआत में यशवीर महाराज ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस मामले का सामने रखा। तो पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए चांदनी कुरैशी के परिवार पर संपत्ति हड़पने के भी आरोप लगाए थे।




