हैदराबाद में मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक वीडियो लगातार प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होते रहे, लेकिन मेटा की ओर से उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
वीडियो में विश्लेषण किया गया है कि मेटा खुद को केवल एक मध्यस्थ बताकर अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता, क्योंकि प्लेटफॉर्म का एल्गोरिदम तय करता है कि कौन सा कंटेंट लोगों तक पहुंचेगा और कौन सा नहीं। अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे क्षेत्रों में कड़े डिजिटल कानूनों के तहत मेटा को जवाबदेह ठहराया जाता है, ऐसे में भारत में भी तकनीकी जायंट्स को भारतीय कानूनों के दायरे में लाकर उनके कंटेंट और मॉडरेशन नीतियों के लिए जवाबदेह बनाना आवश्यक है। यूट्यूब पर देखें वीडियो।




