People Are Buying ‘Leaked’ Re-NEET Papers on Telegram

Re-NEET ‘लीक’ पेपर के नाम पर Telegram पर मची लूट: जानिए कैसे चल रही है फर्जी दावों की मार्केटिंग

Summary
People are buying 'leaked' Re-NEET papers on Telegram. सोशल मीडिया पर चल रहे फेक नैरेटिव और मार्केटिंग का फायदा उठाकर डिजिटल स्कैमर्स छात्रों से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है।

एक तरफ कॉकरोच जनता पार्टी और उनके अब्बाजान केजरीवाल छाती कूट रहे हैं कि NEET पेपर के पैसे से BJP सांसद खरीद रही है। लेकिन भाईसाहब, कल मुझे इंस्टाग्राम पर एक ऐसा कॉकरोच (CJP कार्यकर्ता/समर्थक) दिखा, जिसे देखकर लगा कि यहाँ तो मामला ही रिवर्स गियर में चल रहा है। पूरी क्रोनोलॉजी समझोगे, तो लगेगा कि पेपर लीक का असली पैसा कहीं CJP के ही गुल्लक में तो नहीं जा रहा?

अब मैं आपको बताता हूँ कि ये पूरी कहानी क्या है। आपने खबर सुनी होगी कि सरकार ने टेलीग्राम ऐप पर डंडा चला दिया है। मैं भी सोच रहा था कि अचानक ऐसा क्यों हुआ? जवाब छुपा है उस Email में, जो इन दिनों मीडिया हाउसेज के इनबॉक्स में धड़ाधड़ तैर रहा है, जिनमें से एक ऑपइंडिया भी है और इसके अलावा कुछ अधिकारियों को भी ये Mail भेजा गया है। इस मेल में दावा है कि 21 जून को होने वाले Re-NEET का पेपर टेलीग्राम ऐप में आ चुका है और लीक हो गया है।

टेलीग्राम पर वायरल हो रहे इस पूरे कार्यक्रम की हवा खुद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने निकाल दी है। उन्होंने साफ कह दिया है कि इंटरनेट पर वायरल हो रहे ये सारे दावे पूरी तरह से ग़लत हैं, और इसमें जो मैसेज और वीडियो बताए जा रहे हैं वो असल में टेलीग्राम पर पैसे ऐंठने का Scam है।

लेकिन NTA के फैक्ट चेक के बावजूद इंस्टाग्राम पर ये अफवाहें नहीं रुक रही हैं। उदाहरण के लिए आप इस सचिन नाम के लड़के का ये वीडियो देखिए। इस वीडियो में ये कहता है कि Re-NEET का पेपर वाक़ई में लीक हो रखा है और NTA का भरोसा नहीं करना चाहिए। सचिन उसी टेलीग्राम चैनल का रेफरेंस दे रहा है जिसका फैक्ट चेक NTA ने कर दिया है। इसके इंस्टाग्राम अकाउंट में जाने पर साफ़ पता चल रहा है कि ये किस किस्म का क्रांतिकारी कॉकरोच है, इसने CJP के हर इवेंट पर वीडियो बनाए हुए हैं, प्रकाश राज से लेकर अभिजीत दीपके तक का ये सपोर्टर है। यानी CJP का ही कार्यकर्ता लोगों में फेक न्यूज़ फैला रहा है कि NEET के बाद अब Re-NEET भी लीक हो गया है। और ये ऐसा क्यों कर रहा है? ताकि स्टूडेंट्स में गुस्सा भड़के और वो गुस्सा CJP के काम आए 20 जून को जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट में।

CJP वाले ज़मीन पर अपनी पकड़ बनाने के लिए अपने डिजिटल फ़्रंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और ऐसे में ये भी पॉसिबल है कि इस किस्म के Email भी इसी का एक जरिया हों।

और मैं आपको बताऊंगा कि मैं ऐसा क्यों कह रहा हूँ, जब हमने इस मेल के साथ आए टेलीग्राम स्क्रीशॉट्स को ज़ूम करके देखा, तो गज़ब का झोल निकला। जो बंदा दावा कर रहा है कि उसके पास लीक पेपर है, उसकी DP पर CJP का ही सिंबल चमचमा रहा था।

इस टेलीग्राम ग्रुप के अंदर की चैट और भी मजेदार है। वहाँ कोई हाई-टेक हैकिंग नहीं हो रही थी, यहाँ डिजिटल स्कैमर्स का सबसे फेवरेट हथियार अमेज़न गिफ्ट कार्ड्स मांगे जा रहे थे। कहीं लाख रुपये का झांसा है, तो कहीं 7000 रुपये की रैंडम सेटिंग। तो क्या क्रिप्टोकरेंसी से लेकर गिफ्ट कार्ड्स का ये पूरा खेल CJP के प्रोटेस्ट को फंड करने और कमिशन खाने के लिए चल रहा था?

इन कॉकरोचों की करामात यहीं खत्म नहीं होती। इस ग्रुप में ‘शशिकांत गर्ग’ नाम का एक व्यक्ति, कुछ ग्रुप्स का लीडर बनकर मैसेज भी भेज रहा है। जब इस NEET एग्जाम से जुड़ी बातचीत पढ़ने के लिए मैं Reddit पर गया, तो मैंने देखा कि यह रायता 6 महीने पुराना है। तब किसी ने लिखा था कि इसी शशिकांत गर्ग नाम के एक आदमी ने NEET पेपर के लिए 5 लाख रुपए दिए पर पेपर नहीं मिला। यानी, उसी पुराने फ्लॉप स्कैम के मॉड्यूल को री-पैकेज करके आज फिर डर का माहौल बनाने के लिए परोसा जा रहा है। और ये तैयारी 6 महीने पहले से चल रही थी, आपको याद होगा कि NEET एग्जाम को लेकर ये पूरा महौल भी इन्हीं 6 महीनों में बड़ा बना है।

अब डॉट्स कनेक्ट करिए।

मज़े की बात देखिए, 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का प्रोटेस्ट शेड्यूल था। ठीक उससे पहले ये Mail डिस्ट्रिब्यूट किया जाता है ताकि स्टूडेंट्स का खून खौले, सड़कों पर अराजकता फैले और कुछ ‘एक्सक्लूसिव’ के दीवाने मीडिया वाले बिना देखे इस पर ब्रेकिंग न्यूज़ भी बना दें।

अब आप ही बताइए, आम आदमी पार्टी के लिए डिजिटल कैंपेनिंग का कोर्स करने वाले शूरवीरों के लिए ऐसा टूलकिट तैयार करना कौन सा मुश्किल काम है? एक तरफ देश की अथॉरिटी इसे फ्रॉड बता रही है, और दूसरी तरफ CJP के कलाकार वीडियो बना-बनाकर कह रहे हैं कि नहीं-नहीं, टेलीग्राम वाला स्कैम ही सच है।

ये पूरा गेम क्लियर है, एक तरफ फर्जी पेपर के नाम पर जेब काटना, और दूसरी तरफ प्रोटेस्ट के बुर्के में अराजकता फैलाना। इसलिए स्कैमर्स की इस क्रोनोलॉजी से बचके रहिए, और कॉकरोच चाहे चैट में हो या पॉलिटिक्स में, हिट डालना मत भूलिए।

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