गुजरात का एक टाउन है, मोरबी! इस बात के 99% चांसेस हैं कि आपके घर में लगे हुए टाइल्स यहीं से आए हों। ये शहर अपने बिजनेस माइंडसेट के लिए जाना जाता है। शांत रहे वाले इस शहर में एक मंदिर है। नाम है मणि मंदिर। इस नाम के पीछे भी एक इंटरेस्टिंग स्टोरी है लेकिन वो फिर कभी। मंदिर के अंदर कई हिंदू देवी-देवताओं को स्थापित किया गया था।
दशकों तक सब कुछ ठीक चला। लेकिन एक दिन धीमे से इसी मंदिर के बगल में दरगाह उग आई। मोटा पीर की दरगाह। जब हिंदुओं ने इस पर ऑब्जेक्ट किया तो मुसलमानों ने हटाने से मना किया और भीड़ का डर दिखाया। मामला कोर्ट में गया और यहाँ तक कि गुजरात हाई कोर्ट में भी गया।
अंत में दिसंबर 2025 में हाई कोर्ट ने जब मुसलमानों को राहत देने से मना कर दिया, तब जाकर इसे तोड़ा जा सका और इसके बाद भी मुसलमानों ने दंगा किया। ये सिर्फ़ एक कहानी नहीं है, ऐसे ही ना जाने कितने कथित पीर-फ़क़ीरों की दरगाहें गुजरात में पिछले कुछ दशकों में उगी हैं और अब जाकर उन पर बुलडोजर एक्शन हो रहा है।
Hazrat Panj Peer Illegal Dargah demolished in #BetDwarka, #Gujarat.
— Mahalaxmi Ramanathan (@MahalaxmiRaman) January 15, 2025
Gujarat HM Harsh Sanghavi said "We will not allow any illegal encroachment on #Krishna’s land"
3 religious structures
& 200 illegal buildings illegally built demolished Land Worth ₹9.5 Crore Recovered pic.twitter.com/7WL6UidXhQ
और जो समुदाय मणि मंदिर कब्जाने की सोच सकता है, उसकी सोच के दायरे से द्वारका और सोमनाथ भला कैसे छूटेंगे? तो अतिक्रमण का सिलसिला यहाँ भी पहुँचा है और यहाँ भी गुजरात सरकार का हथौड़ा चला है, आज के वीडियो में आपको मैं इसी एक्शन से जुड़े कुछ नंबर्स और तथ्य बताने वाला हूँ।
एक्शन का ये दौर चालू होता है आज से लगभग तीन साल पहले; यानी अक्टूबर, 2022 में
अक्टूबर, 2022 में द्वारका के ही एक हिस्से बेट द्वारका में तीन दिन तक कई जगहों पर एक साथ बुलडोजर चला। जहाँ इंसान की परछाई भी नहीं दिखती वहाँ भी मजारें खड़ी थीं। इस ऑपरेशन में गुजरात सरकार ने 55 हजार स्क्वायर फीट ज़मीन खाली करवाई। और यहाँ जिनसे ज़मीन खाली करवाई गई वो लोग सिर्फ़ यहाँ घर-मकान या दुकानें नहीं बना रहे थे बल्कि उनके PFI से भी कनेक्शन होने की बात सामने आई थी।
गुजरात सरकार द्वारा आज से शुरू हुआ कृष्ण की नगरी बेट-द्वारका का सफाई अभियान, सरकारी जमीन पर बने अवैध स्ट्रक्चर हटाने का काम जारी इनमे कॉमर्शियल और धार्मिक स्ट्रक्चर्स हैं शामिल
— Nirnay Kapoor (@nirnaykapoor) October 1, 2022
पहले चरण में करीब 15 लोकेशंस पर होगी कार्यवाही @indiatvnews@sanghaviharsh @COLLECTORDWK
1️⃣ pic.twitter.com/TRL00Jgg4U
लेकिन जितना मैंने आपको बताया ये तो पूरे एक्शन का छोटा हिस्सा है। पिक्चर अभी बाक़ी है। मार्च 2023 से एक बार फिर कृष्ण की नगरी द्वारका में गुजरात सरकार का सुदर्शन रूपी बुलडोजर चला और इस बार द्वारका में 5 दिन तक लगातार कार्रवाई होती रही। इस पूरे मेगा ऑपरेशन में 10 लाख स्क्वायर फीट से ज्यादा जमीन खाली करवाई गई।
देश की समुद्री सुरक्षा के लिए ख़तरा बन सकते है ऐसे अवैध निर्माण को ढहाने की सरकार की मुहिम लगातार जारी.
— Janak Dave (@dave_janak) March 11, 2023
देवभूमि द्वारका का गांधवी जो समुद्री किनारे है वहाँ
07 धार्मिक स्थल (मज़ारे),
50 कमर्शियल,
210 रिहायशी मकानों को ढहाया गया.@sanghaviharsh @IGP_RajkotRange @GujaratPolice pic.twitter.com/twu9XGvMOG
यहाँ भी पूरे देश की तरह वही पैटर्न था क़ब्ज़े का। मस्जिद-मजार बनाओ, ज़मीन कब्जाओ और जब एक्शन की बारी आए तो भीड़ इकट्ठी करो और प्रशासन को धमकाओं। लेकिन गुजरात सरकार और विशेष कर तब गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने इस मामले में अधिकारियों को कहीं भी सॉफ्ट ना होने के आदेश दिए।
इसी का नतीजा है कि मार्च 2023 में चला बुलडोजर एक साथ 200 से ज्यादा रेज़िडेंशियल और 7 मजारों पर क़हर बन कर टूटा। ये कार्रवाई सिर्फ़ इसलिए नहीं जरूरी थी क्योंकि सरकारी ज़मीन पर कब्जा हुआ था, जिसे खाली करवाया जाना बल्कि इसलिए भी जरूरी थी क्योंकि ये इलाका हमारी समुद्री सीमा पर है।
साथ ही साथ इसी द्वारका में हमारे द्वारकाधीश यानी भगवान कृष्ण विराजमान है, पहले अवैध ढांचे बनाने वाले अगर अपने मक़सद में कामयाब होते तो शायद कुछ सालों में हिंदुओं को यहाँ जाना मुश्किल हो जाता और विरोध करने राहत इंदौरी की “किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़े है ” वाली कविताएँ लिबरल जमात पढ़ रही होती।
लेकिन अयोध्या काशी मथुरा और पूरे हिंदुस्तान में क़ब्ज़े करने वाली जमात ऐसे तो मानने वाली थी नहीं। उसने सिर्फ़ द्वारका ही नहीं बल्कि ज्योतिर्लिंग सोमनाथ में भी द्वारका वाला ही पैटर्न अप्लाई किया। यहाँ भी मस्जिद-मजारे और दरगाहें उगने लगीं और धीमे-धीमे सोमनाथ की तस्वीर बदलने लगी।
इस पर भी 2024 में एक्शन चालू हुआ। सितंबर 2024 में हुए ऐसे ही एक्शन में मंदिर के पास ही एक दरगाह और एक कब्रिस्तान में बुलडोजर चला, एक अवैध मस्जिद भी गिराई गई। यहाँ भीड़ ने दंगा करने की भी कोशिश की, तो पुलिस ने इसमें भी 70 लोग पकड़े। वैसे ये एक्शन अभी तक चल रहा है।
सोमनाथ में दरगाहों पर हो रहे एक्शन के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट तक में अपील्स हुई लेकिन सर्जरी चलती रही। लेकिन गुजरात में ये सर्जरी क्यों जरूरी थी, इसे कुछ इंसीडेंट्स से समझिए।
इसी द्वारका के खंभालिया में मुसलमानों ने कब्जा करके संतोषी माता मंदिर की ज़मीन क़ब्ज़ाई और इतना ही बल्कि मंदिर जाने का रास्ता ही ब्लॉक कर दिया। हिंदुओं को मंदिर तक पहुचने के लिए पुलिस प्रशासन का सहारा लेना पड़ा।
सोचिए, ऐसी विकृत मानसिकता वाले लोगों से आपको रोज़ निपटना है और जब निपटने की भाषा बुलडोजर बनती है तो देश की लिबरल जमात रोना रोती है। ऑपइंडिया गुजरात के द्वारका और सोमनाथ जैसे जिलों में हुए बुलडोजर एक्शन की जानकारी को इकट्ठा करके पता लगाया है कि मार्च 2025 तक राज्य 2100 करोड़ से ज्यादा की ज़मीन मुक्त करवाई जा चुकी है।
सोचिए 2000 करोड़ से ज्यादा की जमीन कब्जे में थी।
लेकिन कब्जा सिर्फ़ इंटीरियर इलाक़ों में हो सकता है और शहरों में नहीं, अगर आप ऐसा सोचते हैं तो एक मिनट थम जाइए। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद के बीचों बीच शहर की दूसरी सबसे बड़ी झील यानी चंदोला लेक को बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं ने अपना घर बना लिया था।
यहाँ कुछ ही सालों में हजारों घर खड़े हो गए थे, मजे से यहाँ ये घुसपैठिए रह रहे थे। गुजरात पुलिस ने ने बताया था कि 2025 में उन्होंने 250 बांग्लादेशी पकड़े और इसमें से 207 चंदोला झील के पास किए गए क़ब्ज़े में रहते थे. लेकिन ये कब तक चलता। अप्रैल 2025 में गुजरात की चंदोला झील के आसपास एक्शन चालू हुआ।
हजारों पुलिसवाले और प्रशासन की पूरी मशीनरी लगा दी गई और ये गुजरात के इतिहास में सबसे तगड़ी बुलडोजर कार्रवाई बनी। अप्रैल 2025 में चालू हुआ ये एक्शन एक महीने तक चला और यहाँ 12 हजार से ज्यादा अवैध ढाँचे समतल किए गए। अवैध मस्जिदों पर एक्शन की भी तस्वीरें सामने आईं।
इस कार्रवाई में 11 लाख स्क्वायर फीट से ज़्याडा का इलाका सरकार ने खाली करवाया। सोचिए ये कार्रवाई इतनी बड़ी थी कि यहाँ 100 ट्रक्स लगा कर मलबा निकाला गया तब भी उसमे कई दिन लगे। इस बीच बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या समर्थकों ने कोर्ट से इस कार्रवाई रुकवाने का भी प्रयास किया लेकिन गुजरात की सरकार पहले ही तैयार थी तो उनकी दलीलें कोर्ट में भी नहीं टिक पाईं।
सिर्फ़ अतिक्रमण ही नहीं बल्कि चंदोला में हुई कार्रवाई घुसपैठियों पर एक्शन की मिसाल बनी। एक रिपोर्ट बताती है कि इसी कार्रवाई के चलते चंदोला में रह रहे बांग्लादेशी भी पकड़ में आए, जब ऑपरेशन पुशबैक चला तो 500 से ज़्यादा घुसपैठिए गिरफ्तार हुए और इसमें सबसे बड़ा नंबर था चंदोला इलाके से.
आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि इतनी बड़ी कार्रवाइयां हुई कैसे? इसका जवाब है इच्छाशक्ति। और गुजरात में ये इच्छाशक्ति दिखाई यहाँ के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने। हर्ष सांघवी ने बिना किसी लॉग लपेट के इन कार्रवाइयों के विजुअल साझा किए और खुले तौर पर कहा की एक्शन नहीं रुकेगा।
Chandola Lake Ahmedabad!!
— Harsh Sanghavi (@sanghaviharsh) April 29, 2025
The Government of Gujarat has taken historic steps to prevent anti-national activities by Bangladeshi nationals.
Key Aspects of Demolition Drive:
– Al-Qaeda Sleeper Cells:The location where 4 terrorists were detained by Gujarat ATS has been… pic.twitter.com/GWGM1exWab
पॉलिटिकली करेक्ट होना, क्षद्म सेक्युलरिज्म दिखाना और वोटबैंक से डरना… इन तीनों चिंताओं से मुक्त होकर ही गुजरात सरकार ये एक्शन ले पाई और इसे लीड किया हर्ष सांघवी ने। आने वाले समय में हमें देखना होगा कि गुजरात और किस मोर्चे पर इसी तरह का स्विफ्ट एक्शन लेता है और उसका रिजल्ट क्या होगा!





