अगर आप एक बिजनेस करते हैं तो आपके लिए सबसे अच्छी सिचुएशन क्या हो सकती है? सबसे अच्छी सिचुएशन ये होगी कि आपका रेवेन्यू बढ़ता जाए और आपकी कॉस्ट ना बढ़े,महँगाई हो ही ना! इससे आपकी सेविंग्स ज्यादा होंगी और बिजनेस एक्सपैंड करने के लिए भी ज्यादा पैसा आपके हाथ में होगा।
एक्ज़ैक्टली ऐसा ही कुछ हमारी इकोनॉमी के साथ हो रहा है। जहाँ GDP यानी हमारी इकॉनमी का साइज तो बढ़ता जा रहा है लेकिन महँगाई नहीं बढ़ रही। इन फैक्ट महँगाई पिछले लगभग 20 सालों के रिकॉर्ड सबसे लोएस्ट लेवल पर है।
मैं डेटा से आपको ये एक्सप्लेन करता हूँ! लेटेस्ट इकोनॉमिक सर्वे बताता है कि फाइनेंसियल ईयर 2025-26 में हमारी अब तक की GDP ग्रोथ रेट 8% रही है, यानी हम दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली मेजर इकॉनमी रहे हैं। लेकिन इसी टाइम में इन्फ्लेशन रहा सिर्फ़ 1.7%।
मतलब हमारे यहाँ जो चीजें लोग कंज्यूम करते हैं, वो अपने बेस प्राइस से सिर्फ़ 1.7% महंगी हैं। इन फैक्ट अक्तूबर 2025 में तो इन्फ्लेशन 0.3% के लेवल पर पहुँच गया। यानी चीजों की कीमतें घटने लगीं। हाई ग्रोथ लो इन्फ्लेशन के इस ड्यूरेशन को इकोनॉमिक्स की भाषा में गोल्डीलॉक्स मोमेंट कहते हैं।
और ये गोल्डीलॉक्स मोमेंट किसी भी इकॉनमी के तेजी से बढ़ने का इंडिकेटर होता है। अर्ली 2000स में जब चाइना 9-10% की जीडीपी ग्रोथ रेट हासिल कर रहा था। तब वहाँ भी इन्फ्लेशन ऐसे ही लो हुआ था और चाइना आज कितनी बड़ी इकोनॉमिक पॉवर है, हम सबको पता है।
लेकिन कहानी सिर्फ़ यहीं नहीं रुकती, ये एरा ऐसे ही नहीं आता! इसके लिए एक डेलिकेट बैंलेंस बनाना पड़ता है। क्योंकि गड़बड़ करने से वैसी सिचुएशन होती है जो UPA गवर्नमेंट के दौरान 2012-14 के बीच क्रिएट हुई थी।
फाइनेंस मिनिस्ट्री का ही एक डेटा बताता है कि UPA गवर्नमेंट में 2012-14 के बीच 28 में से 22 महीने देश में रिटेल इन्फ्लेशन का लेवल 9% से ऊपर था। और आपको पता है कि इस ड्यूरेशन में GDP केवल 4.6% से बढ़ी।
यानी इन्फ्लेशन का लेवल ग्रोथ से डबल था। फनी बात ये है कि आज जब इकॉनमी इतना बढ़िया परफॉर्म कर रही है तो राहुल गाँधी, अमेरिकन प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के रास्ते पर चलते हुए इसे डेड इकॉनमी बताते हैं।
और ये सब वो तब करते है जब उनके टाइम में फ़्यूल प्राइसेज एक दिन में 8 रुपए बढ़ा करते थे। खाने-पीने के आइटम्स की महँगाई 20% हुआ करती थी। आज हम जिस स्पॉट में है, वहाँ हमारे लिए वर्ल्ड की इकोनॉमिक सुपरपॉवर बनना कोई दूर की बात नहीं है, लेकिन मैने जिस दौर का जिक्र किया, उसमें हम फ़्रैजाइल फाइव में हुआ करते थे।
लेकिन अब मोदी सरकार और फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के इस इकोनॉमिक मैनेजमेंट ने हमें उस रास्ते पर ला दिया है, जहाँ से हम दुनिया की इकोनॉमिक सुपरपॉवर बनने की तरफ़ तेजी से बढ़ सकते हैं।




