Budget 2026 Highlights: टैक्स में राहत से लेकर हाई-स्पीड रेल तक, ‘विकसित भारत’ की नींव रखने वाला बजट

Summary
Union Budget 2026 में नया Income Tax Act, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, पर्यटन, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा ऐलान।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 का यूनियन बजट पेश किया। इस बजट में ‘विकसित भारत’ की दिशा में मजबूत कदम उठाए गए हैं। सरकार ने विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस किया है। बजट आम लोगों, किसानों, युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों के लिए कई सकारात्मक घोषणाएं लाया है।

नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। पुराने आयकर कानून की समीक्षा पूरी हो चुकी है, नियम जल्द आएंगे और फॉर्म बहुत आसान बनेंगे। 

टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

विदेश यात्रा, शिक्षा और मेडिकल ट्रीटमेंट पर TCS अब सिर्फ 2% रहेगा। 

NRI को संपत्ति खरीद-बिक्री पर TDS तो देना होगा, लेकिन TAN की जरूरत नहीं पड़ेगी।

2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% रहने का अनुमान है। यानी सरकार का खर्च आय से 4.3% ज्यादा होगा। यह आर्थिक मजबूती दिखाता है। 

बजट में किसानों की आय बढ़ाने पर खास जोर है। विभिन्न योजनाओं से फसल बीमा, सिंचाई, बाजार पहुंच और नई तकनीक के जरिए उनकी कमाई बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।

15 पुरातात्विक स्थलों जैसे लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी, आदि को वाइब्रेंट डेस्टिनेशन बनाया जाएगा – वहां बेहतर वॉकवे, स्टोरीटेलिंग और इंटरप्रिटेशन सेंटर आएंगे।

पूर्वोदय राज्यों (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश) में 5 नए पर्यटन स्थल विकसित होंगे और 4,000 ई-बस उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में इको-सस्टेनेबल ट्रेकिंग-हाइकिंग ट्रेल्स बनेंगे। इन इलाकों में स्पेशल माउंटेन ट्रेनें शुरू होंगी।

सेमीकंडक्टर मिशन पर फोकस बढ़ेगा। इंडियन सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 के बाद अब शुरू होगा ISM 2.0 । इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट मैनुफैक्चरिंग मिशन के लिए 40,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। घरेलू कैपिटल गुड्स और इंडिपेंडेंट सप्लाई चेन बनेगी। 

उड़ीसा, आंध्र, केरल और तमिलनाडु में बनेंगे “रेयर अर्थ कॉरिडोर्स” जिससे खनिज-समृद्ध राज्यों को सपोर्ट मिलेगा – माइनिंग, प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी।

सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित हैं: मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी।

मेडिकल टूरिज्म हब बनाने के लिए पांच क्षेत्रीय हब। Biopharma Shakti के लिए 10,000 करोड़। शुगर-कैंसर दवाइयां सस्ती होंगी।

डेटा क्लाउड पर विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट – इससे डिजिटल सर्विसेज सस्ती और बेहतर मिलेंगी।

MSME के लिए 10,000 करोड़, महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना, टेक्सटाइल पार्क, 20 नए जल मार्ग।

कुल मिलाकर, यह बजट विकास, फिस्कल डिसिप्लिन और आम आदमी को मिलने वाली राहत पर संतुलित बजट है।

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