गाजियाबाद के लोनी में एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव और रंजिश का मामला सामने आया है, जहाँ एक हिंदू युवक नितिन को मुस्लिम युवती मुस्कान से प्रेम विवाह करने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। नितिन, जो पेशे से एक प्रोफेसर थे, ने करीब एक साल पहले मुस्कान से आर्य समाज मंदिर में शादी की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्कान के परिवार वाले इस शादी से खुश नहीं थे और लगातार नितिन को जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। 30 मार्च को साजिश के तहत मुस्कान के घर वालों ने नितिन को समझौते के बहाने बुलाया और सुनसान रास्ते पर ले जाकर गला घोंटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
नितिन के भाई अमित, जो इस घटना के चश्मदीद हैं, ने बताया कि मुस्कान के चाचा आसिफ अली और पिता मेहरुद्दीन ने उन्हें फोन कर समझौते के लिए बुलाया था। नितिन के साथ अमित और उनकी एक रिश्तेदार ताई भी गई थीं। आरोपियों ने उन्हें झांसा देकर गाड़ी में बिठाया और महमूदपुर की नहर के पास एक कच्चे रास्ते पर ले गए।
चाचा ने भाई की छाती पर बैठकर दबाया भाई का गला
अमित के मुताबिक पहले से ही एक दूसरी गाड़ी में चार लोग घात लगाकर बैठे थे और जैसे ही हम गाड़ी से उतरे आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया और नितिन का गला तब तक दबाए रखा जब तक उसके प्राण नहीं निकल गए। आसिफ अली नितिन की छाती पर बैठा था और बाकी लोग उसका गला घोंट रहे थे। मेरे सामने ही मेरे भाई के प्राण निकल गए। मैं अपनी जान बचाकर खेतों में भागा और पुलिस को फोन किया। उन्होंने लाश को गड्ढे में फेंक दिया था।”
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
नितिन की हत्या उस समय की गई जब उनकी पत्नी मुस्कान नौ महीने की गर्भवती है और कुछ ही दिनों में उनकी डिलीवरी होने वाली है। परिवार वालों ने बताया कि नितिन अपनी पत्नी से बहुत प्यार करते थे और उन्हें प्रोफेसर बनाने के लिए खुद भी पढ़ाते थे। नितिन के कमरे में आज भी किताबों का ढेर और हनुमान जी की तस्वीर उनकी सादगी और विद्वत्ता की गवाही देती है।
नितिन की माँ और भाभी ने इंसाफ की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सख्त से सख्त सजा की मांग की है। पड़ोसियों का भी कहना है कि नितिन बेहद सीधा और होनहार लड़का था, जिसने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा था।





