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तेल के दाम बढ़ने पर बोला युवक, ‘₹200 लीटर भी हुआ, तो भी दिक्कत नहीं

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कुछ लोगों ने कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर नाराजगी भी जताई, लेकिन अधिकांश लोगों ने कहा कि यदि यह अस्थायी संकट है तो वे सरकार के साथ खड़े हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा है।

ईरान-अमेरिका संघर्ष और वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के बाद ऑपइंडिया की टीम दिल्ली के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर पहुंची और आम लोगों से बातचीत कर यह समझने की कोशिश की कि बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर उनकी क्या राय है।

महंगाई बढ़ी है, लेकिन दुनिया के दूसरे देशों की तुलना में स्थिति बेहतर

पेट्रोल भरवाने पहुंचे कई लोगों ने कहा कि कीमतों में वृद्धि निश्चित रूप से महसूस हो रही है, लेकिन भारत की स्थिति अभी भी कई देशों से बेहतर है। एक व्यक्ति ने कहा कि पाकिस्तान समेत कई देशों में पेट्रोल की कीमतें भारत से कहीं अधिक हैं, जबकि भारत में सरकार लंबे समय तक कीमतों को नियंत्रित रखे हुए थी।

कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यदि वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होती है और तेल की उपलब्धता पर असर पड़ता है, तो कीमतों में बढ़ोतरी को पूरी तरह असामान्य नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, फिलहाल ईंधन उपलब्ध है और सरकार हालात को संभालने की कोशिश कर रही है।

पीएम मोदी की अपील पर क्या बोले लोग?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने, कार पूलिंग बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग की अपील पर भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री स्वयं अपने काफिले में कटौती कर उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं, तो आम नागरिकों को भी ईंधन बचाने के प्रयास करने चाहिए।

कुछ लोगों ने कहा कि संसाधनों का बेहतर उपयोग केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि नागरिकों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। उनके अनुसार, ईंधन की बचत से न केवल खर्च कम होगा बल्कि देश पर दबाव भी घटेगा। वहीं इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा की गई आलोचनाओं को लोगों ने खारिज कर दिया।

कई लोगों का कहना था कि वर्तमान परिस्थितियां केवल भारत तक सीमित नहीं हैं और दुनिया के कई देश इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कुछ लोगों ने कहा कि यदि जनता ने मोदी सरकार को चुना है तो कठिन समय में उसका साथ भी देना चाहिए।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा होने के बाद दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर बाइक चालकों, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से लेकर लग्जरी कार मालिकों तक से हमने बातचीत की, जिसमें एक साफ तौर पर दिखाई दी कि लोग महंगाई को तो महसूस कर रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोग इसे वैश्विक संकट के नजरिए से भी देख रहे हैं।

हालांकि कुछ लोगों ने कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर नाराजगी भी जताई, लेकिन अधिकांश लोगों ने कहा कि यदि यह अस्थायी संकट है तो वे सरकार के साथ खड़े हैं और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा है।

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