FIFA World Cup 2026 के लिए अमेरिका रवाना होने से पहले ब्राज़ील की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को एक विशेष धार्मिक समारोह के साथ विदाई दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में टीम को ले जाने वाले विमान पर ईसाई परंपरा के तहत पवित्र जल का छिड़काव किया गया और उसे प्रतीकात्मक रूप से “बपतिस्मा” (Baptism) दिया गया। ब्राज़ील में इस आयोजन को व्यापक रूप से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। कई लोगों ने इसे टीम के लिए शुभकामना और विश्व कप जीतने की कामना से जुड़ा सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन बताया।
IPL समापन समारोह में भगवान शिव को समर्पित प्रस्तुति पर उठा विवाद
वहीं भारत में हाल ही में आयोजित IPL फाइनल की समापन समारोह के दौरान गायक कैलाश खेर ने भगवान शिव को समर्पित गीत प्रस्तुत किए और इसके साथ एक विशेष लाइट शो भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन बताया, जबकि कुछ अन्य ने खेल आयोजनों में धार्मिक तत्वों को शामिल करने पर सवाल उठाए। पत्रकार लावण्या बॉल सहित कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने “Keep religion out of sports” की बात कही।
सोशल मीडिया पर उठे दोहरे मानदंडों के सवाल
IPL समारोह को लेकर हुई आलोचनाओं के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने धार्मिक अभिव्यक्तियों को लेकर कथित दोहरे मानदंडों का मुद्दा उठाया। आलोचकों ने तर्क दिया कि यदि खेलों में धर्म को शामिल करने का विरोध सिद्धांत का विषय है, तो वही मानक सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। इसी संदर्भ में तुर्की की फुटबॉल टीम द्वारा रोज़ा खोलने और पाकिस्तान से जुड़े खेल आयोजनों पर ईद की शुभकामनाओं जैसी घटनाओं का उल्लेख किया गया। इस बहस ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि खेल और सार्वजनिक आयोजनों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को लेकर समाज और टिप्पणीकारों का दृष्टिकोण क्या सभी मामलों में समान रहता है, या अलग-अलग परिस्थितियों में अलग मानदंड अपनाए जाते हैं।


