गाज़ियाबाद के खोड़ा इलाक़े में बकरीद के दिन हुई सूर्य चौहान की हत्या को लगभग आठ दिन बीत चुके हैं। इस बीच सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया जाने लगा कि सूर्य की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उसने मुख्य आरोपित असद की बहन से कथित तौर पर छेड़खानी की थी। अब इस दावे को लेकर ऑपइंडिया की टीम ने सूर्य के घर पहुँचकर उसके परिजनों, पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। अधिकांश लोगों ने इस आरोप को ख़ारिज करते हुए इसे ‘बचने और पीड़ित बनने की कोशिश’ बताया है।
बचने के लिए बनाई जा रही नई कहानी
सूर्य के पड़ोसी ने कहा कि छेड़खानी की कहानी पूरी तरह से झूठी है। उन्होंने कहा कि सूर्य ऐसा लड़का नहीं था और हत्या के कई दिन बाद अचानक इस तरह की कहानी सामने आना संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा, ‘17 साल का लड़का 26 साल की शादीशुदा महिला से छेड़खानी करेगा? ये सब बचने के लिए रची गई कहानी है। अगर ऐसा कुछ था तो पहले शिकायत क्यों नहीं की गई?’
खोड़ा निवासी रविंद्र सिंह ने भी इस दावे को सिरे से ख़ारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि घटना के शुरुआती दिनों में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई थी। उन्होंने कहा, ‘ये सब ग़लत है। यह बाद में लगाया गया झूठा आरोप है। पहले किसी ने ऐसी बात नहीं कही, बाद में यह कहानी बनाई गई है। सूर्य को बलि का बकरा बनाया गया है और उसकी हत्या के पीछे जो कारण बताए जा रहे हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है।’
एक-दूसरे को जानते थे सूर्य और असद
स्थानीय निवासी विशाल सिंह ने बताया कि वह सूर्य को जानते थे और असद को भी इलाक़े में देखा करते थे। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच पहले बातचीत और दोस्ती भी थी। विशाल सिंह ने कहा, ‘असद की बहन की शादी हो चुकी थी, मैंने उसे यहाँ कभी नहीं देखा। सूर्य सीधा-सादा लड़का था। छेड़खानी वाली बात बिल्कुल झूठ लगती है। कोई भी इंसान अपने बचाव में कुछ भी बोल सकता है।’ उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई विवाद था तो उसे क़ानून के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए था, न कि हत्या जैसा कदम उठाया जाता।
स्थानीय निवासी बबलू ने कहा, ‘ये सब झूठ है। उसकी बहन शादीशुदा थी। 16-17 साल का लड़का 26 साल की महिला से छेड़खानी करेगा, यह बात समझ से परे है। किसी पर भी ऐसे आरोप लगा देना ग़लत है।’ वहीं, बोबी का कहना था कि दिनदहाड़े हुई इस हत्या को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता।
खोड़ा में पिछले 27 वर्षों से रह रहे मनोज अत्री ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर यह आरोप सही नहीं लगता। उन्होंने कहा, ‘सूर्य 16-17 साल का लड़का था और जिस महिला की बात की जा रही है, वह शादीशुदा बताई जा रही है। मुझे नहीं लगता कि ऐसा हुआ होगा।’ मनोज अत्री ने प्रशासन की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि घटना के बाद क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुस्लिम पक्ष बोला: ‘हमें इसकी जानकारी नहीं’
ऑपइंडिया ने इस मामले पर मुस्लिम समुदाय के लोगों से भी बात की। मोहम्मद सुन नामक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, ‘हमें इस चीज़ की जानकारी नहीं है। लेकिन जो हुआ, वह बहुत ग़लत हुआ।’ वहीं, सुफियान ने कहा, ‘हमें हत्या की वजह नहीं पता, लेकिन इतना ज़रूर पता है कि किसी माँ का बेटा चला गया।’
घटना के कई दिन बाद सामने आए आरोपों पर उठे सवाल
सूर्य प्रताप सिंह हत्याकांड में छेड़खानी की थ्योरी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। सूर्य के पड़ोसियों और कई स्थानीय निवासियों का साफ़ कहना है कि यह कहानी हत्या के कई दिन बाद सामने आई है, इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। फ़िलहाल, खोड़ा में रहने वाले लोगों के बीच इस नए दावे को लेकर बहस तेज़ हो गई है।

