Kejriwal Govt Failed in yamuna cleaning

सीवेज, फंड और यमुना: दिल्ली सरकार के आर्थिक सर्वे के आंकड़े AAP पर क्यों उठा रहे हैं सवाल

Summary
यमुना सफाई पर दिल्ली सरकार के आर्थिक सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि केजरीवाल सरकार के दौरान सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता, बढ़ते अनट्रीटेड सीवेज और अधूरे फंडिंग लक्ष्यों ने नदी की हालत को और खराब किया।

सालों तक ख़ुद यमुना सफ़ाई पर कुछ नहीं किया और जब दूसरे ने प्रयास किया तो कीबोर्ड वारियर बन गए। ये कहानी है दिल्ली में AAP की। दिल्ली में हर साल छठ पूजा की डिफ़ॉल्ट तस्वीर हुआ करती थी कि यमुना में झाग में बहता दिखाई देता था। 

केजरीवाल और समय माँगा करते थे लेकिन अब जब रेखा गुप्ता की सरकार ने सैकड़ों लोगों को शामिल करके यमुना सफ़ाई को हर आदमी से जुड़ा मुद्दा बनाया है, तो AAP के सौरभ भारद्वाज का दावा है कि सीएम रेखा गुप्ता अपने हाथ से यमुना को छूना तक नहीं चाहती। 

वैसे सौरभ भारद्वाज को जानना चाहिए कि आख़िर यमुना अगर छूने लायक नहीं है तो क्यों नहीं है? आख़िर कोई नदी गंदी कैसे होती है? ये ऐसे गंदी होती है जब उसमें लगातार बिना ट्रीटमेंट के वेस्ट जाता रहे। आपको दिल्ली सरकार का ये इकोनॉमिक सर्वे का ग्राफ दिख रहा है?

केजरीवाल जब 2015 में पावर में आए थे तो दिल्ली के पास 906 मिलियन गैलन पर डे का सीवेज ट्रीट करने की कैपेसिटी थी, और साल 2025 में ये सिर्फ़ 961 मिलियन गैलन पर डे तक ही पहुँच पाई जबकि इस टाइम में दिल्ली में पानी डिमांड और सप्लाई बेतहाशा बढ़ी। 

कॉम्पेरिजन के लिए आपको बता दूँ कि केजरीवाल से पहले शीला दीक्षित के शासन में 2009 के बाद लगभग 100 मिलियन गैलन पर डे की सीवेज कैपेसिटी एड हुई थी। 

यही नहीं इकोनॉमिक सर्वे में पता चलता है कि केजरीवाल से पहले जहाँ अनट्रीटेड सीवेज टोटल वेस्ट 2004 में 14% था, तो वहीं 2011 में ये 10% तक आ गया था। लेकिन केजरीवाल के राज में 2024 तक वापस बढ़ कर 18% तक पहुँच गया। 

एक और बात इसी इकोनॉमिक सर्वे में से आपको जाननी चाहिए सौरभ जी! आपकी सरकार ने साल 2021-22 से लेकर 2024-25 तक जितना पैसा सीवेज के लिए कमिट किया, वो पूरा दिया ही नहीं। इन फैक्ट सिर्फ़ इसका आधा पैसा ही दिया गया। यानी जहाँ मिलने थे 10,634 करोड़ रुपए तो वहीं मिले सिर्फ़ 5,525 करोड़ रुपए। 

तो जब आप सीवेज की कैपेसिटी बढ़ाओगे नहीं, नजफ़गड़ जैसे नाले यमुना में मिलते रहेंगे, फंड आप दोगे नहीं तो यमुना काली ही दिखेगी और लोगों को साफ़ करते हुए ग्लव्स पहनने ही पड़ेंगे। ये तो आपको जवाब देना चाहिए ना सौरभ जी कि आपने यमुना को साफ़ हाथों से छूने लायक क्यों नहीं छोड़ा? 

Editorial team:
Production team:

More videos with Jayesh Matiyal as Anchor/Reporter