OpIndia की इस Ground Report में रिपोर्टर अनुराग मिश्रा द्वारा जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के 18 दिनों के अनशन और विरोध प्रदर्शन स्थल के वास्तविक माहौल को दिखाया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण डॉक्टरों की सलाह पर सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शन स्थल पर विभिन्न मांगों के साथ कई लोग उपस्थित थे; जहाँ एक ओर चावल के दाने पर ‘राम’ नाम लिखने वाले व्यक्ति का कुछ लोगों ने विरोध किया, वहीं दूसरी ओर एक व्यक्ति अपनी बेटी के स्कूल में फेल होने पर 5,000 करोड़ रुपये की अजीबोगरीब मांग कर रहा था।
रिपोर्टिंग के दौरान जब पत्रकार ने प्रदर्शनकारियों से राजनीतिक संगठनों पर लगाए जा रहे आरोपों और उनके उग्र बयानों पर सवाल किए, तो भीड़ आक्रोशित हो गई। प्रदर्शनकारियों ने रिपोर्टर और उनके कैमरामैन के साथ तीखी बहस, धक्का-मुक्की और बदसलूकी की, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप कर पत्रकार को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। यह रिपोर्ट इस बात पर गहरा सवाल उठाती है कि जो आंदोलन ‘अभिव्यक्ति की आजादी और फ्री स्पीच’ का दावा करता है, वहीं रिपोर्टिंग और असहमति जताने पर इस तरह का हिंसक व्यवहार क्यों देखने को मिलता है।
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