ईरान और इजरायल-अमेरिका के युद्ध को अब लगभग एक महीना हो गया है, एक महीने से हॉर्मुज़ की खाड़ी ऑलमोस्ट बंद है। तेल और गैस की सप्लाई दुनिया भर के लिए रुकी हुई है। और इस रुकी हुई सप्लाई के चलते चाहे वियतनाम हो या साउथ कोरिया या पाकिस्तान और बांग्लादेश… सब कहीं क्राइसिस की सिचुएशन बनी है। लेकिन भारत ने इस एक महीने में अपने आम लोगों को इस क्राइसिस से शील्ड किया हुआ है, ना यहाँ गैस का क्राइसिस है और ना फ़्यूल का।
सबसे पहले जानिए दुनिया के क्या हालात हैं। शुरुआत करते हैं अपने पड़ोसियों से। बांग्लादेश में फ्यूल रीफिल स्टेशन बंद पड़े हैं, लोग पेट्रोल पम्प पर ही सो रहे हैं ताकि सुबह उन्हें कुछ तेल मिल जाए। बांग्लादेश की सरकार भारत से डीजल माँग रही है कि कम से कम देश में अँधेरा तो ना हो। बांग्लादेश पेट्रोलियम कारपोरेशन ने कहा कि हमारे पास सिर्फ़ अब 9 दिनों का ईंधन बचा हुआ है।
#WATCH | Dhaka: Bangladesh is gripped by fuel shortage. Visuals show a fuel station in Dhaka closed due to the crisis. pic.twitter.com/bmkhdtombC
— ANI (@ANI) March 24, 2026
दूसरे पड़ोसी श्रीलंका में वर्क वीक 4 दिन का कर दिया गया है। इन फैक्ट हर बाइक को एक सप्ताह में 5 लीटर तेल ही मिल रहा है, इसके लिए भी QR कोड रिलेटेड वेरिफिकेशन सिस्टम लाए जा रहे हैं। श्रीलंका ने भारत से डीजल मांगा है और जब ये सप्लाई हुआ तो सरकार से लेकर विपक्ष तक भारत को थैंक्यू कर रहा है।
हमारे एक और पड़ोसी पाकिस्तान में तो स्थिति सबसे ही खराब है। पाकिस्तान में सरकारी और निजी दोनों तरह के दफ़्तर 50% वर्क फ्रॉम होम पर शिफ्ट कर दिए गए हैं। सरकारी गाड़ियों तक की तेल की सप्लाइ रोक दी गई है।
ये तीनों ही देश हॉर्मुज़ की खाड़ी से आने वाले क्रूड और गैस पर हैविली रिलाएंट थे। और ऐसा मत समझिए कि सिर्फ़ हमारे आसपास के देश ही इस क्राइसिस से परेशान हैं। फिलीपींस वो पहला देश बन चुका है जिसने इस एनर्जी क्राइसिस को इमरजेंसी का दर्जा दिया है और वहाँ भी अलग अलग तरह की रोक लगाई जा रही हैं।
साउथ कोरिया में भी सरकारी गाड़ियों को तेल देने में नियम लागू हो गए हैं। कुल मिलाकर बात ये है कि ऑलमोस्ट सारे वो देश जिन्हें हॉर्मुज़ से तेल मिलता था, वो अब या तो लॉकडाउन लगा रहे हैं या फिर तेल की सप्लाई रोक रहे हैं, जिससे जनता परेशान है।
अब इन सबके उलट भारत को देखिए। भारत में पिछले एक महीने में एक भी पंप पर सरकार ने सप्लाई में रोक नहीं लगाई है। हर पेट्रोल पंप पर फ्यूल मौजूद है। इन फैक्ट सरकार ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वो पेट्रोल डीजल को लेकर कोई भी रेशनिंग नहीं करने जा रही है। सरकार ने फ़्यूल की प्राइसेस भी अनचेंज्ड रखी हैं और ये भी कहा है कि जब तक क्रूड 130 डॉलर पर बैरल ब्रीच नहीं करता तब तक कोई पैसा नहीं बढ़ाया जाएगा।
यानी मोदी सरकार पूरी तरह से पोजिशन ऑफ़ कॉन्फिडेंस में बोल रही है जबकि बाक़ी देश आज क्राइसिस झेल रहे हैं।





