पीएम मोदी के न्यूजीलैंड दौरे के बाद सब जगह FTA की बड़ी चर्चा है! इस दौरे में ये भी कहा गया कि अगले पाँच वर्षों में दोनों का ट्रेड 7 बिलियन डॉलर तक पहुंचाया जाएगा। लेकिन आप सोच रहे होंगे कि सिर्फ़ 50 लाख की आबादी वाले देश से डील करके हमारा मैक्सिमम क्या फ़ायदा हो सकता है?
मैं आपको बताता हूँ कि ये फ़ायदा हो सकता है, लगभग ₹2 लाख करोड़ का। दरअसल न्यूजीलैंड के साथ मोदी सरकार ने FTA को ऐसे डिजाइन किया है कि उससे हमें आने वाले हर एक साल में कुछ ना कुछ बेनिफिट मिलेगा। ये पूरी क्रोनोलॉजी मैं आपको एक एक करके बताता हूँ!
बेसिकली कोई FTA यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होता है, दो देशों के बीच टैरिफ फ्री ट्रेड के लिए। लेकिन हम तो 150 करोड़ का देश हैं और न्यूजीलैंड है 50 लाख की आबादी का देश। अब हम दोनों अगर FTA करें तो दोनों को फ़ायदा नहीं हो सकता, न्यूजीलैंड को तो इतनी बड़ी मार्केट मिलेगी, लेकिन हमें वही छोटी मार्केट।
मोदी सरकार में मंत्री पीयूष गोयल ने इसके लिए एकदम नया तरीका निकाला। उन्होंने लगभग 100% भारतीय सामानों को तो न्यूजीलैंड की मार्केट में टैरिफ फ्री करवा ही लिया साथ ही न्यूजीलैंड को इस बात के लिए एग्री कर लिया कि वो अगले 15 वर्षों में हमारे देश में 20 बिलियन डॉलर का इंव्वेस्टमेंट करें।
यानी हम अब न्यूजीलैंड को बिना किसी टैरिफ के माल भी बेचेंगे और उनके डॉलर हमारे देश में FDI के तौर पर आएँगे। और ये FTA कैसे फायदेमंद होगा, उसका एक और उदाहरण सुनिए। इंडिया से न्यूजीलैंड ने 2024-25 में लगभग 2.4 बिलियन डॉलर का गुड्स एंड सर्विज़ का ट्रेड किया। अब इसे 7 बिलियन तक ले जाया जाएगा! इसमें भी गुड्स में सबसे बड़ा प्रोडक्ट है हमारे यहाँ से जाने वाले फार्मास्यूटिकल्स, इन पर पहले लगभग 5% की ड्यूटी लगा करती है जो ख़त्म हो जाएगी।
कुल मिलाकर कहा जाए तो किसी को इस बात के लिए राजी करना कि आप अपनी जेब से पैसा निकाल कर मेरे प्रोडक्ट में इनवेस्ट कर दो, ये व्यापार का सबसे कठिन काम होता है। लेकिन पीएम मोदी और ट्रेड मिनिस्टर पीयूष गोयल ने सक्सेसफुल्ली न्यूजीलैंड के साथ यही कर लिया है।



