क्या आपको कर्नाटक के भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ता प्रवीण नेत्तारू की वो बर्बर हत्या याद है?
22 जुलाई 2022 को कर्नाटक के बेल्लारी में मोटरसाइकिल पर आए दो जिहादियों ने सरेआम धारदार हथियारों से प्रवीण नेत्तारू की बीच सड़क पर हत्या कर दी थी। शुरुआत में ये मामला एक सामान्य हत्या जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, इसके पीछे एक बड़े षड्यंत्र की परतें खुलती चली गईं।
हाल ही में इस मामले में NIA ने केरल से नासिर और तमिलनाडु से नौशाद नाम के दो जिहादियों को गिरफ्तार किया है। इस हत्याकांड में अब तक 24 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन इस साजिश के मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
ये वारदात एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस और NIA ने जांच की, इस मामले में प्रतिबंधित संगठन PFI से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई। इस हत्या का उद्देश्य देश में डर और आतंक का माहौल पैदा करना था और इसके लिए एक विशेष गिरोह तैयार किया गया था, जिसे “सर्विस टीम” कहा जाता था।
सर्विस टीम का काम ऐसे लोगों को चिन्हित करना था, जिन्हें निशाना बनाया जा सके और फिर योजनाबद्ध तरीके से हमलों को अंजाम देना था।
प्रवीण नेत्तारू अपने राष्ट्रवादी विचारों और सनातन धर्म के प्रति अपनी आस्था के लिए जाने जाते थे। उन्होंने जिहादियों द्वारा कन्हैया लाल और उमेश कोल्हे की हत्या के खिलाफ भी आवाज उठाई थी।
प्रवीण नेत्तारू “अक्षय फार्म फ्रेश चिकन” नाम से पोल्ट्री शॉप चलाते थे और हिंदुओं को केवल हिंदुओं से मीट खरीदने के लिए कहते थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, उनकी यही सक्रियता उन्हें PFI की टारगेट लिस्ट तक ले गई।
इस मामले में शुरुआती गिरफ्तारियों में प्रवीण की दुकान में मीट काटने वाले इब्राहिम के बेटे शफीक और उसके साथी जाकिर का नाम सामने आया।ये दोनों PFI से जुड़े हुए थे।
NIA ने अपनी चार्जशीट में कहा कि PFI ने अपने “मिशन 2047” के तहत प्रवीण नेत्तारू की हत्या की साजिश रची थी।इस मिशन का उद्देश्य भारत को 2047 तक इस्लामी देश बनाने की साजिश से जुड़ा था और इसका संचालन केरल से किया जा रहा था।
PFI वही संगठन है, जिस पर देश में कई दंगों और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लग चुके हैं और यही संगठन हिंदुओं की टारगेट्ड किलिंग्स भी करवा रहा था।






