पश्चिम बंगाल में TMC सत्ता से बाहर हो गई है लेकिन मुस्लिम कट्टरपंथियों को अब भी लग रहा है कि वहां उनका ही राज है, वो किसी भी हिंदू की हत्या कर देंगे, उसे लटका देंगे और ऐसा करने के बाद बच भी जाएंगे।
पश्चिम बंगाल से अब एक घटना सामने आई है कि 17 साल के एक दलित हिंदू बच्चे की हत्या कर दी गई और हत्या ISIS वाले स्टाइल में की गई… उसका गला रेता गया। किसने रेता? इस्लामी कट्टरपंथियों ने… कोलकाता के पास की ये घटना है, प्रसेनजीत बिस्वास जो एक फुटबॉलर था, उसे जंगल में ले जाकर बेरहमी से मार डाला गया।
तीन मुस्लिमों का वीडियो भी सामने आया है जिन्होंने प्रसेनजीत की हत्या की और अब पुलिस की गिरफ्त में हैं, जनता पुलिस थाने के बाहर गुस्साई हुई नारेबाजी कर रही है।
इन्होंने प्रसेनजीत को क्यों मारा? इसकी कोई पुख्ता जानकारी अब तक सामने नहीं आई है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स ये कह रही हैं कि प्रसेनजीत बिस्वास और उसकी टीम ने कुछ दिन पहले एक फुटबॉल मैच जीता था और उसके बाद कुछ विवाद हुआ था।
प्रसेनजीत एक गरीब दलित परिवार का बच्चा था, उसके पिता गाड़ी चलाकर जैसे-तैसे अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे और उनका बच्चे का एक सपना था कि वो प्रोफेशनल फुटबॉलर बने।
प्रसेनजीत के एक दोस्त ने मीडिया को बताया कि शुक्रवार को कुछ लड़कों ने उसके साथ गाली-गलौज की थी। सोमवार को उसने प्रसेनजीत से कहा कि वह उसके साथ चलकर उन लड़कों से बात करा दे। जब वे वहां पहुंचे तो बहस शुरू हो गई। सामने पांच लड़के थे। बहस के दौरान उनमें से एक ने अचानक धारदार हथियार निकाला और प्रसेनजीत पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसे बचाने की कोशिश में दोस्त के हाथ में भी चोट लगी।
प्रसेनजीत के भाई ने भी कहा कि उसकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी। सिर्फ कुछ दिन पहले फुटबॉल मैच के दौरान झगड़ा हुआ था। सोमवार को एक दोस्त का फोन आने के बाद वह घर से निकला, जहां पास के पाल पाड़ा इलाके के कुछ लोगों ने पहले उसके साथ मारपीट की और फिर धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी।
इस घटना के बाद बारुईपुर में लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। प्रसेनजीत की हत्या के बाद नाराज लोगों ने बारुईपुर जनरल अस्पताल की पुलिस चौकी में तोड़फोड़ तक कर दी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स तैनात कर दी लेकिन मांग ये की जा रही है कि प्रसेनजीत के हत्यारों को यूपी स्टाइल में एनकाउंटर हो।






