Ravana was Lavanasura's maternal uncle?

रावण और लवणासुर का रक्त संबंध, शूर्पणखा लवणासुर की मौसी कैसे?

Summary
रावण और लवणासुर मामा-भतीजे थे? शूर्पणखा लवणासुर की मौसी कैसे हुईं? जानिए रावण के राक्षस कुल की पूरी वंशावली और दोनों के बीच का रोचक रिश्ता।

हमने आपको लवणासुर वाले वीडियो में एक महत्वपूर्ण जानकारी दी थी कि शत्रुघ्न जी से युद्ध करते समय लवणासुर ने कहा था कि शूर्पणखा उसकी मौसी हैं। जिसके कारण रावण उसके मामा हुए। तो आइए आज देखते हैं कि लवणासुर, शूर्पणखा और रावण आपस में कैसे संबंधी थे। इसके लिए हम रावण के राक्षस कुल की उत्पत्ति सबसे पहले राक्षसों के आदि पुरुष से शुरू करेंगे।

जैसा कि हमने आपको अपनी पिछली वीडियो में दैत्य, देव, दानव, राक्षस और यक्ष की उत्पत्ति के बारे में बताया था — राक्षस और यक्ष दोनों की उत्पत्ति ब्रह्माजी से ही हुई थी। इनमें राक्षसों ने सृष्टि की रक्षा करने का उत्तरदायित्व संभाला था।राक्षसों के दो प्रमुख पुरुष थे — प्रहेति और हेति। ये दोनों सभी राक्षसों के अधिपति थे और मधु-कैटभ के समान अत्यंत बलवान थे।

इन दोनों में प्रहेति तो धर्मात्मा थे, इसलिए वे तपस्या करने के लिए तपोवन चले गए। लेकिन हेति का रुझान विवाह और वंश वृद्धि की ओर था। उन्हें संसार के सुख भोगने थे। हेति ने काल की पुत्री भया से विवाह किया। उनके एक पुत्र हुआ — विध्युतकेश। विध्युतकेश का विवाह संध्या की पुत्री सालकटंकटा से हुआ। उनके एक पुत्र हुए — सुकेश। सुकेश का विवाह गंधर्व की पुत्री देववती से हुआ। सुकेश और देववती के तीन पुत्र हुए — माल्यवान, सुमाली और माली। इनमें माली सबसे अधिक बलवान था।

अब आइए देखते हैं सुकेश के इन तीनों पुत्रों की वंशावली:

माल्यवान

माल्यवान की पत्नी थीं सुंदरी। उनके सात पुत्र और एक पुत्री हुई, जिसका नाम अनला था।

सुमाली
सुमाली की पत्नी थीं केतुमति। उनके दस पुत्र और चार पुत्रियाँ हुईं — राका, पुष्पोत्कटा, कैकसी और कुंभीनसी।

माली
माली की पत्नी थीं वसुदा। उनके चार पुत्र हुए, जो बाद में विभीषण के मंत्री बने। अब आगे की वंशावली देखते हैं।

माल्यवान की पुत्री अनला का विवाह विश्वावसु से हुआ। उनके एक पुत्री हुई — कुंभीनसी। इस कुंभीनसी का विवाह दैत्य राजा मधु से हुआ और उनके पुत्र हुए — लवणासुर।

दूसरी ओर, माल्यवान के छोटे भाई सुमाली की चार पुत्रियों में से कैकसी ने ऋषि पुलत्स्य के पुत्र विश्रवा से विवाह किया और उन्हें चार संतानें हुईं — रावण, कुम्भकर्ण, शूर्पणखा और विभीषण।

अब अगर पूरा मैट्रिक्स देखें तो स्पष्ट होता है कि कुंभीनसी, रावण की मौसेरी बहन हुईं। क्योंकि रावण की माता कैकसी और कुंभीनसी की माता अनला सगी चचेरी बहनें थीं। इसलिए कुंभीनसी और रावण मौसेरे भाई-बहन हुए। इसी रिश्ते से रावण, कुंभीनसी के पुत्र लवणासुर के मामा हुए।

स्पष्टता के लिए बता दें कि सुमाली की भी एक पुत्री कुंभीनसी थी, जो कैकेयी की बहन और रावण की सगी मौसी हुईं। अक्सर लोग इन दोनों कुंभीनसियों में कन्फ्यूजन करते हैं। ध्यान रखें — दोनों अलग-अलग कुंभीनसी थीं और अलग-अलग पीढ़ी में जन्मी थीं।

तो इस प्रकार हुई रावण के राक्षस कुल की उत्पत्ति, और इसी तरह लवणासुर रावण से संबंधित हुए।वैसे लवणासुर और रावण में एक और दिलचस्प समानता भी थी।

लवणासुर ने इक्ष्वाकु वंश के राजा मान्धाता को मारा था, और स्वयं लवणासुर का वध भी इक्ष्वाकु वंश के राजा शत्रुघ्न जी के हाथों हुआ। इसी प्रकार रावण ने भी इक्ष्वाकु वंश के राजा अनरण्य को मारा था। अनरण्य ने रावण को शाप दिया था कि “तेरा वध भी मेरे ही वंश के राजा, दशरथ पुत्र राम के हाथों होगा।

”इस तरह दोनों मामा-भतीजे ने एक-एक इक्ष्वाकु राजा को मारा और दोनों का वध भी आने वाली पीढ़ी के इक्ष्वाकु सम्राटों के हाथों ही हुआ।

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