Delhi illegal building demolition drive

हौजरानी हादसे के बाद दिल्ली में बुलडोजर और सीलिंग अभियान, ग्राउंड पर क्या बदला?

Summary
हौजरानी अग्निकांड में 22 मौतों के बाद दिल्ली में अवैध निर्माणों, गेस्ट हाउसों और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई तेज हो गई है। ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट में इस अभियान का जमीनी असर देखा गया।

हौजरानी के जिस B&B में आग लगी उसने एक परिवार को एक झटके में खत्म कर दिया। पांच लोग जिनमें दो लड़कियां थी, एक बुजुर्ग मां और पति-पत्नी। इनके साथ 3 और रिश्तेदार भी थे वो भी इसकी चपेट में आ गए। सोचकर देखिए कि ये कितना भयावह है कि जिसने तीन पीढ़ियों को एक झटके में खत्म कर दिया। 

जुगाडू ढंग से चल रहे इस होटल ने कुल-मिलाकर 22 लोगों की जान ली। ऐसी कोई एक घटना नहीं है। साकेत के सैदुलजाब इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक ढह गई और इसमें 6 लोगों की मौत हो गई। ये वो इमारत थी जिसमें कैफे, कोचिंग सेंटर और ऑफिसेज चलते थे।

पूरे दिल्ली में ऐसी सैकड़ों इमारतें, होटल, रेस्टोरेंट, होंगे जो या तो अवैध होंगे या फिर पूरे नियम-कायदे फॉलो नहीं कर रहे होंगे और अब इनकी पहचान करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक अभियान चलाया है लेकिन इसका जमीन पर कितना असर देखने को मिल रहा है यही जानने के लिए ऑपइंडिया की टीम ग्राउंड पर उतरी थी। 

इस ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान देखा गया कि कृष्णापार्क के एक रेसिडेंसियल इलाके में एक इमारत को गिराने का काम MCD पिछले कुछ दिनों से कर रही है। यह इमारत सैदुलजाब की तरह अवैध नहीं थी लेकिन इस घर में रहने वालों और आस-पास के लोगों के लिए खतरा जरूर बन चुकी थी।

कृष्णापार्क की इस इमारत को कवर करने के बाद युसूफ सराय इलाके का जायजा लिया गया। ये वो जगह है जहां पर कई सारे कोचिंग संस्थान हैं। यहां से थोड़ी ही दूरी पर एम्स है, जहां दूर-दराज के इलाकों से लोग अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं और युसूफ सराय में रुकते हैं क्योंकि यहां 700 से 800 रुपये में एक कमरा मिल जाता है।

यहां पर कई गेस्ट हाउस पर ताला जड़ा हुआ है और कुछ खाने-पीने के प्रतिष्ठान भी बंद है। थोड़ा हैरान करने वाली बात ये है कि यहां पर नोटिस नहीं चिपका हुआ है फिर भी ये बंद हैं। स्थानीय लोगों ने ऑपइंडिया को बताया कि ये हौजरानी में घटी घटना के बाद हुआ है।

कुछ लोगों ने ये भी बताया कि दिल्ली पुलिस और एमसीडी लगातार इस इलाके में चक्कर लगा रही है और जो प्रतिष्ठान नियम-कायदों पर खरे नहीं उतर रहे हैं, उन्हें बंद किया जा रहा है। 

अब तक जो कार्रवाई हुई है, उसका डेटा भी MCD ने जारी किया है जिसमें अवैध निर्माण या नियमों के उल्लंघन पर की गई कार्रवाई दिखाई गई है। 8 तारीख तक के इस डेटा के अनुसार, 123 संपत्तियों पर बुलडोजर या तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई है। 170 संपत्तियों को सील किया गया है यानी उन्हें बंद कर दिया गया ताकि उनका इस्तेमाल न हो सके। 106 लोगों को अवैध निर्माण के संबंध में नोटिस भेजा गया। 60 लोगों को अब तकक सीलिंग से पहले कारण बताओ नोटिस दिया गया। 42 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ का आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। 

दिल्ली सरकार ये ड्राइव अब हर दिन चला रही है और ये सुनिश्चित किया जा रहा है कि ऐसी इमारतों पर कार्रवाई हो जो अवैध हैं, जहां पर सिक्योरिटी नॉर्म्स पूरे नहीं किए जा रहे हैं।

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