NTA NEET की परीक्षा में जिस अभ्यर्थी अब्दुल्ला के अब्बू ने अबू धाबी सेंटर अलॉट किए जाने की शिकायत की है, पता चला है कि उनके बेटे के लॉग इन से ही ख़ुद ये सेंटर चूज किया गया था। NEET एग्जाम से ठीक एक दिन पहले अब्दुल्ला को अबू धाबी में सेंटर मिलने की खबर पर खूब हँगामा हुआ था।
लेकिन अब NTA ने बताया है कि उसने NEET परीक्षा के रिशेड्यूल होने पर अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए करेक्शन विंडो दी थी, जिसमें अभ्यर्थी अपनी प्रेफ़र्ड सिटी चुन सकते थे और 3.2 लाख अभ्यर्थियों ने ऐसा किया भी। इसी विंडो क्वे दौरान अब्दुल्ला के लॉग इन क्रेडेंशियल्स का यूज करके प्रेफ़र्ड सिटी अबू धाबी चूज की गई थी।
यही नहीं बल्कि दो बार और लॉग इन करके ये इंश्योर किया गया था कि एग्जाम सेंटर अबू धाबी ही है, और इसी रिक्वेस्ट के बाद अबू धाबी सेंटर अलॉट भी हो गया। लेकिन परीक्षा से एक दिन पहले अब्दुल्ला के अब्बू तालिब ने कहा कि मेरे बच्चे को ग़लत सेंटर अलॉट हुआ है, ऐसे में NTA ने तुरंत एक्शन लेते हुए सेंटर वापस चेंज भी कर दिया।
अब बच्चे ने ऐसा किया या फिर उसके लॉग इन क्रेडेंशियल्स पाकर किसी ने ये गड़बड़ की, ये तो बाद में पता चलेगा लेकिन साथ ही ये भी समझ लेते हैं कि आख़िर अबू धाबी कैसे सेंटर चला गया। दरअसल, NEET परीक्षा के लिए NTA तीन शहर चूज करने के ऑप्शन हर छात्र को देता है।
इसमें भारत के शहरों के अलावा विदेशों के वो शहर भी शामिल हैं जहाँ बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं या फिर जहाँ के स्टूडेंट बड़ी संख्या में भारत में पढ़ने आते हैं। NTA 14 ऐसे सेंटर विदेशों में बनाता है, जिसकी लिस्ट आपको स्क्रीन पर दिख रही होगी। इसमें दुबई भी है, अबू धाबी भी है, कुवैत सिटी भी है और बैकॉक, क्वालालम्पुर और लागोस जैसे शहर भी।
अगर कोई अभ्यर्थी इन सेंटर को चूज करता है तो NTA उसकी रिक्वेस्ट को देखते हुए ये सेंटर्स अलॉट कर देगा और इसमें कोई रॉकेट साइंस नहीं है। अब्दुल्ला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ लेकिन शायद उन्होंने समाधान ढूँढने की जगह मामला उछालना ज्यादा सही समझा।






