दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का प्रदर्शन तीसरे दिन (22 जून) भीड़ के अभाव में दम तोड़ता दिखाई दिया। सोमवार को प्रदर्शन के मंच पर 2-3 लोग और उनसे सामने मुश्किल से 200 लोग नहीं थे, जबकि सीजेपी पार्टी का जन्म ही सोशल मीडिया पर करोड़ों फोलोवर के साथ हुआ था। अब मंच से पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके ने किसानों से समर्थन मांगा है।
सोमवार दोपहर को जब हम जंतर-मंतर पहुंचे तो प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में केवल सुरक्षा बलों और मीडिया कर्मियों की मौजूदगी दिखाई दी, जबकि आंदोलन के समर्थन में जुटे लोगों की संख्या सीमित रही। सामने लगा बड़ा सा मंच खाली दिखाई दिया जबकि मंच से दीपके भी नदारद रहे। यहां तक कि पहले दिन के मुकाबले प्रदर्शन को कवरेज देने के लिए मीडियाकर्मी भी दिखाई नहीं दिए।
सोशल मीडिया पर समर्थन देने वाले गायब
प्रदर्शन में शामिल कुछ युवाओं ने बातचीत के दौरान माना कि सोशल मीडिया पर आंदोलन को समर्थन देने वाले बड़ी संख्या में लोग वास्तविक धरना-स्थल तक नहीं पहुंच रहे हैं। एक युवक ने कहा कि ऑनलाइन समर्थन और वास्तविक भागीदारी में बड़ा अंतर है तथा कई लोग केवल सोशल मीडिया पर अपनी राय व्यक्त करते हैं।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि कई समर्थक अपने परिवार या सामाजिक दबाव के कारण सार्वजनिक रूप से आंदोलन में शामिल होने से बचते हैं।
प्रदर्शनकारी ने मोदी-शाह के खिलाफ उगला जहर
रिपोर्ट के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा दिए गए बयान विवाद का विषय बन गए। जावेद अहमद नामक एक प्रदर्शनकारी ने बातचीत में दावा किया कि विभिन्न घटनाओं के पीछे “आरएसएस के गुंडों” का हाथ है। वीडियो में वह यह कहते हुए दिखाई दिए कि भाजपा से जुड़े लोगों का “घेराव” किया जाना चाहिए और उन्हें “मार के भगाना” चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की और उन्हें “फेक प्राइम मिनिस्टर” बताया।
उत्तराखंड से आए सुनील नौटियाल नाम के व्यक्ति ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर आक्रामक टिप्पणी की इस रिपोर्टर और पास में खड़े होकर वीडियो बना रहे दिल्ली पुलिस के एलआईयू ने उसे चेतावनी दी लेकिन इसके बाद भी वह विवादित बयान देता रहा। इस पर पुलिस और कुछ प्रदर्शनकारियों ने उसे वहां से बाहर किया।
‘नेपाल और श्रीलंका जैसा होना चाहिए’
उसी बातचीत के दौरान गोरखपुर से आए जावेद अहमद नाम के व्यक्ति ने नेपाल और श्रीलंका की राजनीतिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में भी सरकार बदलने के लिए ऐसा करना चाहिए। यह सरकार जबरन सत्ता में बैठी हुई है और इस तरह के शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करके अब कुछ नहीं होने वाला। अब हमें इससे आगे बढना होगा और किसी भी तरीके से मोदी सरकार को हटाना होगा। यहां तक कि जावेद ने नेपाल की तरह संसद में घुसने जैसी कार्रवाई का भी समर्थन किया।
गोरखपुर से आए प्रदर्शनकारी जावेद ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर भी योगी सरकार पर आरोप लगाए। यहां तक कि जावेद ने योगी सरकार पर गुंडों को संरक्षण देने के भी आरोप लगाए। जबकि वह योगी सरकार में बिजली, सड़क और अन्य सुविधाओं के मिलने की भी बात कर रहा था।
मंच से हुई प्रदर्शन को किसानों से समर्थन मिलने की घोषणा
युवाओं को केंद्र में रखकर चलाए जा रहे इस आंदोलन में अब किसानों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मंच से शाम 4 बजे किसानों के आने की घोषणा की गई थी। मंच से अभिजीत दीपके ने किसानों के समर्थन की बात कही इसके बाद उन्होंने माइक अपने सहयोगी को दे दिया।
अब देखना होगा कि सोशल मीडिया से जन्मी कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रदर्शन क्या अन्ना की तरह आंदोलन का रूप ले पाएगा या फिर ऐसे ही दम तोड़ता चला जाएगा।





