दिल्ली के बाटला हाउस इलाके से एक दलित युवती के साथ कथित धोखाधड़ी, यौन शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता के अनुसार वर्ष 2021 में उसकी मुलाकात सोशल मीडिया के माध्यम से ‘साहिल’ नाम के एक युवक से हुई थी। युवक ने खुद को हिंदू परिवार से जुड़ा और संपन्न परिवार का सदस्य बताया।
बातचीत बढ़ने के बाद उसने शादी का प्रस्ताव रखा और वर्ष 2022 में युवती को दिल्ली बुला लिया। पीड़िता का आरोप है कि दिल्ली पहुंचने पर उसे पता चला कि युवक का असली नाम फहीम है और उसने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर उससे संबंध बनाए थे।
पहचान उजागर होने के बाद गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग का आरोप
पीड़िता का कहना है कि जब उसने फहीम द्वारा पहचान छिपाने का विरोध किया तो आरोपी ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उसका गैंगरेप किया। आरोप है कि घटना का वीडियो भी बनाया गया, जिसके आधार पर उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाता रहा। युवती के अनुसार इसके बाद उसे मेरठ ले जाया गया, जहां लंबे समय तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ शारीरिक तथा मानसिक प्रताड़ना की गई।
धर्म परिवर्तन कराने के लिए दी गई प्रताड़ना
शिकायत के अनुसार युवती पर धर्म परिवर्तन के लिए लगातार दबाव बनाया गया। उसने आरोप लगाया कि उसे डराने के लिए उसके ऊपर जानवरों का खून डाला गया, मांस के टुकड़े फेंके गए और जबरन मांस पकाने का दबाव बनाया गया। पीड़िता का कहना है कि प्रताड़ना से तंग आकर उसने आत्महत्या तक का विचार किया था।
उसने एक मौलवी तस्लीम पर भी प्रताड़ना में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। बाद में उसका धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कराया गया और उसे नया नाम ‘आयशा’ दिया गया।
पुलिस जांच में जुटी, चार आरोपी गिरफ्तार
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि फहीम और उसके परिवार के कुछ सदस्य अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े हुए हैं तथा उनके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपों की सत्यता की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।





