उत्तर प्रदेश एक बार फिर, इतिहास रचने की दहलीज पर है। 12 जुलाई का दिन प्रदेश के लिए बेहद खास है, क्योंकि UP एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने जा रहा है, एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य..
इस बड़े अभियान के पीछे का विज़न है, ‘एक पेड़ माँ के नाम’। इसे एक जन-आंदोलन का रूप दिया जा रहा है। पिछले 9 सालों में उत्तर प्रदेश ने 247 करोड़, से अधिक पौधे रोपित किए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए योगी सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
लेकिन क्या ये सिर्फ पौधा रोपण तक सीमित है?, बिल्कुल नहीं। जमीनी हकीकत देखिए, ‘अमृत सरोवर मिशन’ के जरिए हजारों तालाबों को नया जीवन मिला है, और गंगा-यमुना की स्वच्छता पर लगातार काम जारी है।
एक्सपर्ट्स इसे ‘हरित क्रांति का नया अध्याय’ कह रहे हैं, जहाँ मिट्टी की उर्वरता और जल संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है।
क्लाइमेट के लिए की जा रही पहलों के बाद सड़कों पर भी बदलाव साफ दिख रहा है। उत्तर प्रदेश आज देश का EV हब बनने की ओर है।
2300 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन और 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें इस बात का सबूत हैं कि राज्य की नीति पेट्रोल से बैटरी की तरफ शिफ्ट हो रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहा यह महायज्ञ, पर्यावरण और विकास के बीच एक संतुलन साधने की कोशिश है। डेटा कहता है कि उत्तर प्रदेश का हरित कवरेज लगातार बढ़ रहा है और प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
तो, क्या आप 12 जुलाई के इस बड़े संकल्प का हिस्सा बन रहे हैं? एक पौधा लगाइए, उसे अपनी माँ को समर्पित कीजिए और इस हरित सफर में अपना योगदान दीजिए।




