ऑपइंडिया के पॉडकास्ट शो ‘UnPack with OpIndia’ के इस विशेष एपिसोड में होस्ट नुपुर शर्मा और राहुल रौशन ने भाजपा नेता और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के नेशनल कमिश्नर मनीष मिश्रा के साथ लंबी बातचीत की। पूरा एपिसोड राजनीति, हिंदुत्व, कांग्रेस, जाति, राष्ट्रवाद और सोशल मीडिया विमर्श के इर्द-गिर्द रहा।
एपिसोड की शुरुआत नुपुर शर्मा ने मधु किश्वर के खिलाफ मनीष मिश्रा द्वारा किए गए मानहानि केस से की। राहुल रौशन और नुपुर शर्मा ने उनसे पूछा कि आखिर एक निजी व्यक्ति के तौर पर उन्होंने यह कानूनी लड़ाई क्यों शुरू की। इस पर मनीष मिश्रा ने कहा कि मधु किश्वर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘चरित्र हनन’ कर रही थीं और जब उन्होंने उन्हें ‘Paid Sepoy’ कहा तो यह सीधे तौर पर उनकी प्रतिष्ठा पर हमला था। मनीष मिश्रा ने कहा कि उन्हें ‘मोदी का सिपाही’ कहलाने में गर्व महसूस होता है, लेकिन ‘Paid’ शब्द यह संकेत देता है कि वह पैसे लेकर समर्थन करते हैं, जिसे उन्होंने अपमानजनक बताया।
पूरी बातचीत के दौरान नुपुर शर्मा और राहुल रौशन लगातार मनीष मिश्रा से सवाल पूछते रहे कि क्या ऐसे मामलों को इग्नोर करना बेहतर नहीं होता। नुपुर शर्मा ने कहा कि कई बार किसी व्यक्ति को अधिक महत्व देना ही उसे प्रासंगिक बना देता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि बिना सबूत किसी महिला पत्रकार या सार्वजनिक व्यक्ति पर चरित्र संबंधी आरोप लगाना एक ‘रेड लाइन’ है जिसे पार नहीं किया जाना चाहिए।
मधु किश्वर को लेकर बातचीत आगे बढ़ी तो मनीष मिश्रा ने उन पर कश्मीरी अलगाववादियों और यासीन मलिक के प्रति नरम रवैया रखने का आरोप लगाया। नुपुर शर्मा ने इस दौरान यह स्पष्ट किया कि मधु किश्वर बाद में सार्वजनिक रूप से यह कह चुकी हैं कि आतंकवाद और अलगाववाद को लेकर उनके विचार समय के साथ बदले हैं। लेकिन मनीष मिश्रा ने असहमति दिखाते हुए कहा कि कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अत्याचारों को भूलना संभव नहीं है।
इसके बाद चर्चा असम की राजनीति और कांग्रेस की ओर मुड़ी। यहाँ मनीष मिश्रा ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और गौरव गोगोई पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस असम में चुनावी हार से घबराकर हिमंत बिस्वा सरमा और उनके परिवार पर ‘फर्जी दस्तावेजों’ के आधार पर आरोप लगा रही थी। बातचीत के दौरान राहुल रौशन ने गौरव गोगोई के पाकिस्तान दौरे का जिक्र किया, जिस पर मनीष मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस को पहले इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
UGC गाइडलाइंस और जातिगत राजनीति पर भी राहुल रौशन और नुपुर शर्मा ने मनीष मिश्रा से विस्तार से चर्चा की। मनीष मिश्रा ने माना कि संबंधित गाइडलाइंस गलत थीं और लोगों की पीड़ा जायज़ थी, लेकिन उनका आरोप था कि कुछ सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और पॉडकास्टर्स इस मुद्दे को भड़काकर ‘नेतागिरी’ और फंडिंग हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। नुपुर शर्मा ने इस पर असहमति जताते हुए कहा कि हर आक्रामक विरोध को ‘देश जलाने’ जैसा नहीं कहा जा सकता और लोगों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।
राहुल रौशन और नुपुर शर्मा ने जब उनसे पूछा कि एक ब्राह्मण और उभरते राजनीतिक चेहरे के तौर पर वह आज के जनरल कास्ट युवाओं की निराशा को कैसे देखते हैं, तो मनीष मिश्रा ने ‘मेरी जाति युवा जाति’ और ‘मेरी जाति नारी जाति’ जैसे अभियानों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति को जाति से ऊपर उठाकर ‘नारी, युवा, किसान और गरीब’ की राजनीति में बदलने का प्रयास किया है।
इसके बाद पॉडकास्ट की चर्चा के क्रम में राहुल रौशन और नुपुर शर्मा ने मनीष मिश्रा से उनके ‘बस्ती मॉडल’ और सामाजिक अभियानों पर सवाल किए। मनीष मिश्रा ने बताया कि वह ‘राम आधारित अर्थव्यवस्था’ पर काम कर रहे हैं, जिसमें ‘राम जी का पेड़ा’, ‘राम जी का झोला’ और महिलाओं द्वारा पारंपरिक ‘सोहर’ गायन जैसी गतिविधियों को आर्थिक मॉडल से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा और भारतीय संस्कृति भी संरक्षित होगी।
वीर सावरकर पर चर्चा के दौरान राहुल रौशन और नुपुर शर्मा ने मनीष मिश्रा से पूछा कि वह सावरकर से इतने प्रभावित क्यों हैं। इस पर मनीष मिश्रा ने कहा कि सावरकर केवल राष्ट्रवादी नहीं थे बल्कि सामाजिक सुधारक भी थे। उन्होंने दावा किया कि गांधी से पहले सावरकर ने दलितों को मंदिरों में प्रवेश दिलाया और हिंदू समाज को एक करने का प्रयास किया। इसी दौरान उन्होंने अपनी किताब ‘पद्म ज्योति सावरकर’ का भी जिक्र किया।
पॉडकास्ट के अंतिम हिस्से में मुस्लिम महिलाओं, ट्रिपल तलाक और हिंदुत्व पर चर्चा हुई। मनीष मिश्रा ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को लंबे समय तक ‘डर और दबाव’ में रखा गया, जबकि ट्रिपल तलाक खत्म होने के बाद उनमें बड़ा बदलाव आया है। नुपुर शर्मा ने इस मुद्दे पर अपनी अलग राय रखते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मुस्लिम समाज का बड़ा वर्ग कभी हिंदुत्ववादी राजनीति के साथ खड़ा होगा। राहुल रौशन ने इस हिस्से में बातचीत को संतुलित बनाए रखने की कोशिश की और दोनों पक्षों की बात सामने आने दी।
एपिसोड के अंत में नुपुर शर्मा और राहुल रौशन ने मनीष मिश्रा को बस्ती में किए जा रहे उनके सामाजिक और सांस्कृतिक अभियानों के लिए शुभकामनाएं दीं। मनीष मिश्रा ने बातचीत का समापन नरेंद्र मोदी, राम मंदिर, धारा 370 और ‘राष्ट्र निर्माण’ को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए किया। पूरा पॉडकास्ट लगातार तीखे राजनीतिक आरोपों, हिंदुत्व विमर्श, कांग्रेस विरोध और सामाजिक मुद्दों पर आक्रामक बहस से भरा रहा, जिसके चलते यह एपिसोड सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।





