बंगाल के लॉ कॉलेज कैंपस में बलात्कार

कॉलेज कैंपस में बलात्कार, धमकियाँ और प्रशासन की निष्क्रियता – कैसे ममता राज ने महिलाओं को सुरक्षा से वंचित किया

Summary

लॉ स्टूडेंट को टीएमसी के प्रति वफादारी साबित करने के लिए कहा गया। उसे ममता बनर्जी के नेता से शादी करने के लिए दबाव डाला गया। लड़की ने जब मना किया तो उसे बुरी तरह से हॉकी से पीटा गया।

उसकी सांस उखड़ने लगी तो इन्हेलर लाकर दिया गया, ताकि वह होश में रहे और जिंदा रहे। वह पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाती रही, लेकिन ममता के युवा नेता ने कोई ममता नहीं दिखाई।

कॉलेज कैंपस के अंदर, सिक्योरिटी गार्ड के सामने उसके कपड़े फाड़े गए। फिर टीएमसी नेता ने उस 24 साल की लड़की का बलात्कार किया।

बलात्कारी ममता बनर्जी के कई विधायकों, मंत्रियों और उनके भतीजे का भी करीबी है। इसलिए बलात्कार का वीडियो बनाकर उस लड़की को चुप रहने की धमकी दी गई।

मामला बाहर आया, तो टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि अगर दोस्त ने ही दोस्त का बलात्कार कर दिया, तो पुलिस और सरकार क्या कर सकती है? उस लड़की को कौन बचा सकता है?

बिलकुल कल्याण जी! कोई नहीं बचा सकता है। बेहतर है एक अडवाइजरी जारी करवा दीजिए — बंगाल में बेटी पैदा कर रहे हैं, तो दो पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड पालने की हैसियत भी रखिए। ममता सरकार ने आपकी बेटी को सुरक्षित रखने का ठेका नहीं उठा रखा है।

सोचकर देखिए, पश्चिम बंगाल में वकालत पढ़ने वाली लड़की को, वकालत पढ़ाने वाले कॉलेज के अंदर, वकालत पढ़ चुके लड़कों ने अपना शिकार आखिर किस सोच से बनाया होगा?

क्या अभिषेक बनर्जी का करीबी होने मात्र से इतना कॉन्फिडेंस आया होगा? और टीएमसी का नेता होने का दंभ तो होगा ही।

ऐसी घटनाएँ सिर्फ अपराध नहीं हैं, ये अपराध और सत्ता के एक होकर सिंडिकेट बन जाने का परिचायक हैं। जिसका खाद-पानी 15 वर्षों की ममता बनर्जी की स्थूल और निर्मम सत्ता है।

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