India Australia Solar Deal

रूफटॉप सोलर में भारतीयों को मिलेगी ऑस्ट्रेलियाई ट्रेनिंग, जानिए क्यों अहम है यह समझौता

Summary
बेसिकली ऑस्ट्रेलिया अब उन लोगों को ट्रेन करेगा जो इंडिया में रूफटॉप सोलर को आगे ले जाएँगे। क्योंकि ऑस्ट्रेलिया दुनिया में रूफटॉप सोलर का एक्सपर्ट है। इन फैक्ट ऑस्ट्रेलिया के हर तीन में से एक घर में  यानी 43 लाख घरों से ज्यादा में रूफटॉप सोलर लगा हुआ है और वो लगभग 6 किलोवाट से ज़्यादा साइज का। 

पीएम मोदी की ऑस्ट्रेलिया विजिट में हुई इस एक डील पर शायद किसी की नजर नहीं पड़ी। न्यूक्लियर डील पर क्या हुआ, ये आपने सब जगह देख लिया होगा, लेकिन इसी विजिट में एक ऐसा समझौता हुआ, जिससे न्यूक्लियर से पहले ही हमें क्लीन एनर्जी मिलेगी और हमारा एनर्जी ट्रांजिशन और तेज होगा। 

मैं बात कर रहा हूँ इंडिया ऑस्ट्रेलिया के बीच सोलर एकेडमी में ट्रेनिंग को लेकर हुए MoU को लेकर। बेसिकली ऑस्ट्रेलिया गुजरात के गांधीनगर में रूफटॉप सोलर एकेडमी में 2000 लोगों को ट्रेन करेगा। ये एकेडमी शुरू की है, पंडित दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी में। 

लेकिन इसमें बिग डील क्या है? बेसिकली ऑस्ट्रेलिया अब उन लोगों को ट्रेन करेगा जो इंडिया में रूफटॉप सोलर को आगे ले जाएँगे। क्योंकि ऑस्ट्रेलिया दुनिया में रूफटॉप सोलर का एक्सपर्ट है। इन फैक्ट ऑस्ट्रेलिया के हर तीन में से एक घर में  यानी 43 लाख घरों से ज्यादा में रूफटॉप सोलर लगा हुआ है और वो लगभग 6 किलोवाट से ज़्यादा साइज का। 

ऑस्ट्रेलिया सोलर में इतनी बिजली जनरेट कर रहा है कि रिसेंटली यहाँ बिजली के प्राइसेस क्रैश कर गए थे। कई पॉवर यूटिलिटीज ने तो दिन में 3 घंटे फ्री पॉवर देना शुरू कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने इस ग्रीन ट्रांजिशन के साथ अपनी ग्रिड को भी स्मार्टली मैनेज किया है। 

जिसमें पॉवर जनरेशन कितनी होगी, उसे स्टोर कैसे करना है ये भी एडवांस तरीके से किया है। अब आते हैं इसमें भारत को कैसे हेल्प मिलेगी। देखिए, अभी भारत में पीएम सूर्यघर स्कीम के तहत तेजी से रूफटॉप सोलर का एडॉप्शन हो रहा है, इसके तहत अभी 38 लाख से ज़्यादा घरों में 13000 मेगावॉट का सोलर इंस्टॉल हो चुका है। 

लेकिन प्रॉब्लम है एक्स्पर्टीज़! इंडिया में सोलर इंस्टॉल करने के लिए अभी लोकल इलेक्ट्रिशियंस या मिस्त्री बुलाए जाते हैं। ये लोग सोलर इंस्टॉल करने से आगे चीजें नहीं जानते। उसे कैसे स्मार्टली इन्वर्टर से कनेक्ट करना है, उसको ग्रिड से कैसे मैनेज करना है और यहाँ तक कि मैक्सिमम जनरेशन कैसे होगा, इस मामले में भी लैक ऑफ़ नॉलेज है। 

अब ऑस्ट्रेलिया जब इन 2000 लोगों को गांधीनगर में ट्रेनिंग देगा तो ये सब जगह एडवांस मैथड्स से रूफटॉप सोलर इंस्टॉल करेंगे। और ऑस्ट्रेलिया जिन्हें ट्रेनिंग देगा, वो लोग ट्रेन द ट्रेनर मैथड पर काम करेंगे, यानी ये लोग आगे और लोगों को चीजें सिखाएँगे। 

तो न्यूक्लियर आने में शायद अभी थोड़ा टाइम लगे लेकिन सोलर का टाइम तो आ चुका है और पीएम मोदी ने इस मामले में भी एडवांस टेक्निक सिक्योर कर ली है। 

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