क्या आप भी इस बात को लेकर हैरान हैं कि मोदी जी आख़िर नेहरू जी से आगे कैसे निकल गए? और आख़िर क्यों पूरी दुनिया के बड़े-बड़े देशों के लीडर्स, चाहे वो अमेरिका के हों, यूरोप के या मिडिल ईस्ट के, सब इस वक़्त पीएम मोदी को लाइन लगाकर बधाई दे रहे हैं? कुछ लोगों को यह बात पच नहीं रही होगी, लेकिन इतिहास की किताबें पढ़कर जो ऐसा लगता था कि कभी इतिहास बदलेगा ही नहीं, वह आज बदल चुका है।
आज, पीएम मोदी ने नेहरू जी का एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कैसे? आइए सिंपल मैथ्स और हिस्ट्री से इसे समझते हैं।
नेहरू जी का कार्यकाल: चयन बनाम चुनाव
15 अगस्त 1947: देश आज़ाद हुआ और जवाहरलाल नेहरू पहले प्रधानमंत्री बने। लेकिन तब वह सरकार एक ‘अंतरिम सरकार’ (Interim Government) थी, यानी स्थायी नहीं थी। ऐसा इसलिए, क्योंकि तब तक देश में कोई आम चुनाव (General Election) नहीं हुआ था। नेहरू जी को तब सीधे ‘सिलेक्ट’ करके पीएम की गद्दी मिली थी और वह इस पद पर साल 1947 से 1952 तक (करीब 5 साल) अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में बने रहे।
साल 1952: देश में पहला आम चुनाव हुआ। जनता ने पहली बार वोट डाला और नेहरू जी को अपना प्रधानमंत्री चुना। यहाँ से वह लोकतांत्रिक रूप से चुने गए (Elected) प्रधानमंत्री बने। चुनाव जीतने के बाद से लेकर जब तक वह इस पद पर रहे, उसके कुल दिनों की संख्या 4,398 थी।
इस बीच देश में कई प्रधानमंत्री आए और गए, भारत को एक से बढ़कर एक नेतृत्व मिले, लेकिन लोकतांत्रिक रूप से जनता द्वारा चुने जाने के बाद सबसे लंबे समय तक पद पर रहने का नेहरू जी का रिकॉर्ड अटूट बना रहा।
10 जून 2026: पीएम मोदी का नया कीर्तिमान
आज की तारीख में पीएम मोदी ने एक नया इतिहास रच दिया है। साल 2014, 2019 और 2024 में—लगातार तीन बार पूरी तरह से जनता का भारी बहुमत पाकर प्रधानमंत्री बनने के बाद, जनता द्वारा चुने जाने के आधार पर पीएम मोदी को पद पर रहते हुए 4,399 दिन हो चुके हैं।
यानी पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीक़े से, चुनाव जीतकर लगातार सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने के मामले में मोदी जी ने नेहरू जी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
- पंडित नेहरू का कुल कार्यकाल: 16 साल 286 दिन (अंतरिम काल और चुनाव के बाद का काल मिलाकर)
- पीएम मोदी का कार्यकाल (चुनाव के बाद): 4,399 दिन (और यह गिनती लगातार जारी है…)
हालांकि, नेहरू जी का ओवरऑल कार्यकाल (बिना चुनाव वाले अंतरिम दिनों को मिलाकर) अभी भी बड़ा है, लेकिन लोकतंत्र के असली नियम यानी जनता के सीधे वोट से लगातार सबसे लंबा समय देश संभालने का रिकॉर्ड अब पीएम मोदी के नाम हो चुका है।
यही वजह है कि दुनिया के बड़े-बड़े लीडर्स भारत की इस मज़बूत डेमोक्रेसी को सलाम कर रहे हैं। यह सिर्फ पॉलिटिक्स नहीं, बल्कि इंडियन डेमोक्रेसी का नया बेंचमार्क है। ‘Of the people, by the people, for the people’ के इस सिद्धांत में आज एक नया इतिहास रचा जा चुका है।


