मिस्टर हुमायूँ कबीर, सिर्फ इसलिए कि तुम TMC के अगले नेता हो, इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि तुम मीडिया या हिंदुओं पर अपने अंदर का फासीवाद निकालोगे। शायद तुम्हारी ममता दीदी ने ये सबक नहीं सिखाया होगा और ये भी हो सकता है कि यही TMC का नेता बनने की SOP हो।
मामला पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद डिस्ट्रिक्ट का है, जहाँ हुमायूँ कबीर के गुंडों पर एक हिंदू पत्रकार और उसके कैमरामैन को पीट-पीट कर मारने की कोशिश का आरोप लगा है। दोनों बाबरी मस्जिद के निर्माण से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए वहाँ गए थे।
इस घटना के टाइम ग्लोबल टीवी न्यूज़ के रिपोर्टर अभिषेक शांडिल्य अपने साथी आदित्य मिश्रा के साथ रिपोर्टिंग कर रहे थे। हुमायूँ कबीर के समर्थकों की भीड़ ने दोनों पर हमला कर दिया, उन्हें सो कॉल्ड “बाबरी मस्जिद साइट” पर बंधक भी बना लिया, और करीब 4 लाख रुपये का मीडिया का सामान, कैमरा, माइक वगैरह सब लूट लिया।
अब सवाल ये है कि दीदी के राज में पत्रकारों के साथ कब तक ऐसा ही सलूक होता रहेगा? क्योंकि ये कोई पहली घटना नहीं है जहाँ बंगाल में पत्रकारों और हिंदुओं पर अत्याचार हुआ हो। अगर सच दिखाने वाले ही सेफ नहीं हैं, तो लोकतंत्र सिर्फ एक मज़ाक बन कर रह जाएगा।





