mumbai two hindu man stabbed

मुंबई में पहलगाम 2.0: नाम, धर्म पूछ दो हिंदू सिक्योरिटी गार्ड को घोंपा चाकू

Summary
ये जैब जुबैर अंसारी कोई जाहिल आदमी नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक इसने US में पढ़ाई की है और फिर वापस भारत आया। मीरा रोड के नया नगर में ये एक रेंटेड फ्लैट में रहता था। पहले कोचिंग सेंटर में केमिस्ट्री और मैथ्स भी पढ़ाता था। 

मुंबई में पहलगाम 2.0 हुआ है। 27 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 4 बजे, मीरा रोड ईस्ट में एक अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग पर दो हिंदू सिक्योरिटी गार्ड अपनी ड्यूटी कर रहे थे। नाम, राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन। 

इस दौरान 31 साल का एक मुस्लिम जैब जुबैर अंसारी उनके पास आया। उसने पहले उनके नाम पूछे, फिर उनका धर्म पूछा। जब गार्ड्स ने बताया कि वो हिंदू हैं, तब उसने पूछा “क्या तुम कलमा पढ़ सकते हो?” 

गार्ड्स ने कहा, “नहीं, हम कलमा नहीं पढ़ सकते” और जैसे ही उन्होंने ये कहा, अंसारी ने चाकू निकाला और दोनों को घोंपना शुरू कर दिया।  राजकुमार मिश्रा को पेट और आंतों में छुरा घोंपा जबकि सुब्रतो सेन की पीठ में चोट आई है। 

इसके बाद दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। राजकुमार की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

अब ये जैब जुबैर अंसारी कोई जाहिल आदमी नहीं है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक इसने US में पढ़ाई की है और फिर वापस भारत आया। मीरा रोड के नया नगर में ये एक रेंटेड फ्लैट में रहता था। पहले कोचिंग सेंटर में केमिस्ट्री और मैथ्स भी पढ़ाता था। 

आप वीडियो में देख सकते हैं कि पुलिस ने जुबैर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। इस पर सेक्शन 307 यानी मर्डर की कोशिश और UAPA लगाया गया है। अब ये केस महाराष्ट्र ATS के पास है। वो पूछताछ कर रहे हैं कि ये लोन वोल्फ अटैक है या किसी नेटवर्क से जुड़ा है।

गिरफ्तारी के बाद एक हैरान करने वाली बात भी सामने आई है कि जुबैर ऑनलाइन ISIS-related propaganda videos बार-बार देखता था।  

अभी पहलगाम हमले को बीते हफ्ते ही सालभर हुआ है और अब ये घटना। दो अलग-अलग जगह और सेम पैटर्न, धर्म के नाम पर टारगेट्ड किलिंग्स। 

आप सोचिए, कश्मीर हो या फिर मुंबई, आतंकी सोच वाले ऐसे ना जाने कितने जिहादी इस घूम रहे हैं। कुछ सीमा पार से आ रहे हैं तो कुछ यहां ISIS के वीडियोज देख-देख कर धर्म पूछकर हिंदुओं को कलमा पढ़वाने की बात कर रहे हैं और कलमा नहीं पढ़ने पर उन्हें मार रहे हैं। 

आपको लाल किला हमला याद होगा। इस मामले में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज से जुड़े कई मुस्लिम डॉक्टर्स एक White-collar terror module का हिस्सा थे। 

ये ज्यादातर MBBS डॉक्टर थे, जो यूनिवर्सिटी में फैकल्टी या डॉक्टर के रूप में काम करते थे। अब आप सोचकर देखिए, आपके आस-पास ऐसे कितने लोग घूम रहे होंगे जो बाइ प्रोफेशन कुछ और हैं और उनका मकसद कुछ और, इसलिए आप भी सावधान रहिए।

Editorial team:
Production team:

More videos with Jayesh Matiyal as Anchor/Reporter