TCS Nasik

कॉर्पोरेट जिहाद: नाशिक TCS में हिंदू महिलाओं के यौन शोषण और धर्मांतरण का काला सच

Summary
एक तरफ देश की सबसे बड़ी IT कंपनी के दफ्तरों को जिहादी अड्डा बनाया जा रहा था वहीं दूसरी तरफ तथाकथित निष्पक्ष मीडिया इस खबर को दबाने में जुटा हुआ था

टाटा नाम जब भी आप सुनते हैं तो सबसे पहले दिमाग में क्या तस्वीर उभरकर सामने आती है? आपके दिमाग में तस्वीर आएगी एक ऐसी कंपनी की जिसका देश के सभी बड़े सेक्टर्स पर एकछत्र राज है। ऑटोमोटिव्स, स्टील, कंस्ट्रक्शन, आईटी, कन्ज्यूमर प्रोडक्ट्स, पावर, लाइफस्टाइल, रीटेल, फाइनेंस, हॉस्पिटैलिटी और टेलीकॉम से लेकर डिफेन्स तक, हर जगह इस कंपनी का दबदबा है।

सन 1868 में जब जमशेदजी टाटा ने इस कंपनी को शुरू किया होगा तो ये नहीं सोचा होगा कि जो कंपनी देश को मैन्युफेक्चरिंग हब बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी वही एक दिन जिहादी मैन्युफेक्चरिंग का अड्डा बनकर रह जाएगी। J.R.D Tata ने जब 1968 में TCS शुरू की थी तो सोचा होगा कि यह कंपनी एक दिन देश के आईटी सेक्टर्स में क्रांति कर देगी।

अफ़सोस कि जिस TCS को सॉफ्टवेयर्स और बड़े-बड़े IT प्रोडक्ट्स डिजाइन करने के लिए बनाया गया था, आज उसके दफ्तर लव जिहाद, यौन शोषण और हिंदुओं को मुसलमान बनाने के केंद्र बन गए हैं। ताजा मामला महाराष्ट्र के नासिक जिले से आया है। यहाँ टाटा कंसल्टेंसी सर्विस कंपनी में काम करने वाली 8 हिंदू महिला कर्मचारियों ने जब अपनी आपबीती पुलिस को बताई तो चारों तरफ हडकंप मच गया।

नासिक में TCS के BPO विभाग में काम करने वाली हिंदू महिलाओं ने आरोप लगाया कि कंपनी के 6 मुस्लिम टीम लीडर्स ने उनका यौन शोषण किया, फिर ब्लैकमेलिंग, डराना धमकाना और जबरन मुसलमान बनाने का दबाव बनाया। इसके अलावा एक हिंदू युवक को भी जबरन अपना धर्म बदलने पर मजबूर किया गया।

कंपनी में चार साल से चल रहा था धर्मांतरण का खेल

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि टीम लीडर्स आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख़ कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार, और दानिश शेख ने उनका यौन शोषण किया, उन्हें जबरन गोमांस खिलाया गया और ऑफिस में नमाज पढ़ने को मजबूर किया गया। यह सब पिछले चार साल से चल रहा था।

पहले ब्रेनवाश, फिर दुष्कर्म, फिर ब्लेकमेलिंग और अंत में मतान्तरण। लव जिहाद की पूरी स्ट्रेटजी यहाँ अपनाई गई। मामला तब सामने आया जब जींस पहनने वाली महिला कर्मचारी सूट सलवार पहनकर ऑफिस आने लगी और रमजान में रोजा रखने लगी। महिला के परिवार को जब संदेह हुआ तो उन्होंने उसे भरोसे में लेकर पूरी जानकारी ली।

इसके बाद परिवार वालों के साथ महिला ने पुलिस में यौन शोषण, मतान्तरण और गो मांस खिलाने की रिपोर्ट दर्ज करवाई लेकिन पुलिस के पास कोई सबूत नहीं थे और मामला बड़ी कंपनी से जुड़ा था इसलिए पुलिस कार्रवाई से हिचक रही थी। सबूत जुटाने के लिए पुलिस ने एक ऐसा ऑपरेशन चलाया जिसने इस बड़े जिहादी षड्यंत्र का भंडाफोड़ कर दिया।

जब सात महिला पुलिसकर्मी बनी धुरंधर शेरनियां

नासिक के मुंबई नाका थाने की 7 महिला पुलिस कर्मियों ने जरूरतमंद हिंदू महिलाओं के रूप में पहले इस कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन किया। कंपनी के टीम लीडर्स मुस्लिम हों और जॉब माँगने वाली कोई जरूरतमंद हिन्दू महिला हो तो उसकी जॉब अप्लिकेशन कभी रिजेक्ट नहीं हो सकती है।

यहाँ भी ऐसा ही हुआ इन सातों महिला पुलिस कर्मियों को जॉब पर रख लिया गया। जिहाद के इस अड्डे के अन्दर धुरंधर बनकर घुसी इन बहादुर पुलिस कर्मियों ने लगातार एक हफ्ते तक सभी जिहादी टीम लीडर्स पर नजर रखी, CCTV की निगरानी और अन्य महिलाओं से बातचीत के आधार पर 6 जिहादियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।

मामले में कुल 9 FIRs दर्ज की गई जिनमे हिंदू महिलाओं ने ऐसे आरोप लगाए हैं जिन्होंने इस कॉर्पोरेट जिहाद के काले चेहरे को दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने TCS के 6 जिहादी टीम लीडर्स को गिरफ्तार किया और जाँच शुरू की। जब जाँच शुरू हुई तो एक के बाद एक काला सच बाहर आने लगा। पुलिस ने बताया कि इस मल्टीनेशनल आईटी कम्पनी का दफ्तर हिन्दू महिलाओं के कन्वर्जन, ब्रेनवाश, ग्रूमिंग, लव जिहाद और  यौन शोषण का अड्डा बना हुआ था।

हिंदू लड़कियों को फंसाने के लिए बनाए जाते थे व्हाट्सएप ग्रुप

यह पूरा खेल पिछले 4 सालों से चल रहा था। जाँच में पता चला है कि कम्पनी के मुस्लिम टीम लीडर्स ने ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाए जिनमे कट्टर पंथी बातें की जाती थीं और हिन्दू महिलाओं को फँसाने की योजनायें बनती थी। आरोप है कि ऐसे ग्रुप बनाए गए थे जिनमे हिन्दू महिला कर्मचारियों को जोड़ा जाता था और हिन्दू धर्म के प्रति नफरत पैदा करने वाला और इस्लाम की तरफ आकर्षित करने वाला कंटेंट परोसा जाता था।

पीड़ित हिन्दू महिलाओं ने पुलिस को बताया कि टीम लीडर्स आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख़ कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार, और दानिश शेख द्वारा उन्हें अलग-अलग मौके पर कम्पनी के ऑफिस में या बाहर मोलेस्ट किया गया। पीड़ित महिलाओं में से दो विवाहित भी हैं जिनमे से एक को शफी शेख और तौसीफ़ अत्तर ने टीम मीटिंग के दौरान गन्दी नियत से घूरा और कहा कि उसके बच्चे नहीं हो रहे हैं इसलिए उसे उनके साथ सोना चाहिए। 

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार मुस्लिम टीम लीडर्स ऑफिस में हिन्दू महिलाओं से गन्दी भाषा में बात करते थे और गलत तरीके से छूते थे। साथ ही ये लोग खुलेआम हिन्दू देवी देवताओं का मजाक उड़ाते थे और हिन्दू धर्म को गालियाँ देते थे।

HR डिपार्टमेंट की निदा खान ने निभाई अहम भूमिका

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि आरोपियों में से एक मुस्लिम महिला भी शामिल है जिसका नाम निदा खान बताया जा रहा है। निदा खान को कंपनी के HR department से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। निदा खान और कम्पनी की HR हेड अश्विनी चनानी पर आरोप है कि पीड़ित हिन्दू महिलाओं ने उनसे कई बार शिकायत की लेकिन उन्होंने ये कहते हुए महिलाओं को चुप करवा दिया कि कम्पनियों में तो ये होता ही है।

इस जिहादी षड्यंत्र के सामने आने के बाद पूरा देश सन्न रह गया। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और पुलिस को सख्त जाँच करके कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद भाजपा युवा मोर्चा और अन्य हिन्दू संगठनों ने कंपनी के गेट पर जाकर विरोध प्रदर्शन किया।

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता गिरीश महाजन ने बताया कि यह मामला केवल इतने तक ही सिमित नहीं है बल्कि यहाँ पीड़ितों की संख्या 50 से भी अधिक हो सकती है। धर्मांतरण का ये खेल केवल हिन्दू महिलाओं तक ही सीमित नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि इसमें कई पुरुषों का भी कन्वर्जन किया गया है।

देश में और कितने TCS?

पूरे जिहादी षड्यंत्र में अभी जाँच चल रही है और हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। हैरानी की बात यह कि जब एक तरफ देश की सबसे बड़ी IT कंपनी के दफ्तरों को जिहादी अड्डा बनाया जा रहा था वहीं दूसरी तरफ तथाकथित निष्पक्ष मीडिया इस खबर को दबाने में जुटा हुआ था। मीडिया चैनलों ने इस खबर को ऐसे चलाया जिसमें TCS का नाम छुपा दिया गया और मामले को एक आईटी कम्पनी से जुड़ा हुआ बता दिया गया। बाद में सोशल मीडिया पर और पुलिस की तरफ से TCS का खुलासा किया गया।

TCS के इस मामले ने देश के सिस्टम में जिहादी घुसपैठ के स्तर को उजागर कर दिया है। यह मामला बताता है कि मुसलमानों ने स्कुल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, हॉस्पिटल, सोसायटी, राजनीति और यहाँ तक की कॉर्पोरेट को भी अपने मिशन का हथियार बना लिया है। मुसलमान जहाँ भी काम कर रहा है वो बस एक ही मकसद से काम कर रहा है और वो मकसद है काफिरों का विनाश।

मुसलमान जहाँ भी लीड रोल में आ रहा है वहीं जिहादी मकसद में जुट जा रहा है। जब टाटा जैसी कम्पनियों के ये हाल हैं तो सोचिये इस देश में हजारों कम्पनियाँ काम कर रही हैं। कॉर्पोरेट के सेक्युलर कल्चर ने मुसलमानों को लीड रोल्स पर पहुँचाया है। अभी तो केवल TCS का भांडा फूटा है। इस देश में ना जाने कितनी TCS के जिहादी खेलों का पर्दाफाश होना बाकी है।

महाराष्ट्र के Nasik में Tata Consultancy Services (TCS) के ऑफिस में हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ 6 मुस्लिम Team Leaders द्वारा Love Jihad, धर्मांतरण, यौन शोषण और ग्रूमिंग का मामला सामने आया है। नासिक में TCS के BPO विभाग में काम करने वाली हिंदू महिलाओं ने आरोप लगाया कि कंपनी के 6 मुस्लिम टीम लीडर्स ने उनका यौन शोषण किया, फिर ब्लेकमेलिंग, डराना धमकाना और जबरन मुसलमान बनाने का दबाव बनाया।

इसके अलावा एक हिंदू युवक को भी जबरन मतान्तरण करने पर मजबूर किया गया। पीड़ित हिन्दू महिलाओं ने पुलिस को बताया कि टीम लीडर्स आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख़ कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार, और दानिश शेख द्वारा उन्हें अलग-अलग मौके पर कम्पनी के ऑफिस में या बाहर मोलेस्ट किया गया और उन्हें मुस्लिम बनने के लिए ब्रेनवाश करने की कोशिश की गई। TCS जैसी कंपनी में इस तरह के कुकृत्यों को Corporate Jihad का नाम दिया जा रहा है। 

Editorial team:
Production team:

More videos with Keshav Malan as Anchor/Reporter