बंगाल में एक लॉ स्टूडेंट ने एक टीएमसी लीडर का शादी का प्रपोज़ल रिजेक्ट कर दिया तो उसने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर उसका बलात्कार कर दिया।
आरोप है कि साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज कैंपस के अंदर रात के साढ़े सात बजे से दस बजकर पचास मिनट तक एक लड़की का बलात्कार होता रहा। कॉलेज से कुछ किलोमीटर दूर ममता बनर्जी अपने आवास के आरामदायक कमरे में सोती रही।
टीएमसी नेता को गिरफ्तार तो किया गया है लेकिन क्या उस पीड़िता को न्याय मिल पाएगा? न्याय का सवाल टीएमसी और बंगाल पर पहुँचते ही बोल्ड-कैपिटल और स्थूल हो जाता है। हमारे पास सैकड़ों घटनाएँ मौजूद हैं।
संदेशखली से लेकर आरजी कर तक, चाहे गाँव की महिलाओं का सालों-साल तक यौन शोषण करने वाला शहजान शेख का मामला हो या आरजी कर मेडिकल कॉलेज कैंपस में एक ट्रेनी डॉक्टर की हत्या और बलात्कार करने का मामला। ममता की टीएमसी और टीएमसी का बंगाल का चरित्र फिलहाल एक ही है।
बंगाल को हम उसकी भद्रता और देवियों की पूजा के लिए जानते थे। लेकिन बंगाल की नई पहचान यही है।
इन सभी घटनाओं से यही संदेश जा रहा है मानो ममता बनर्जी ने अपनी महिला विधायक को लेजिस्लेचर के काम से निकालकर मनोरंजन के काम पर लगा रखा है। और इस बीच उनके भावी पुरुष विधायक टीएमसी की बलात्कारी मानसिकता के ध्वजवाहक बनने की होड़ में लगे हुए हैं।





